इस सीट पर बीजेपी के घोषित प्रत्याशी के खिलाफ एकजुट हुए दिग्गज नेता

भोपाल। विधानसभा चुनाव के चार महीने बाद एक बार फिर भाजपा को अपनों से चुनौती मिल रही है| कुछ टिकट कटने तो कुछ बाहरी प्रत्याशी के विरोध में अपनी ही पार्टी के खिलाफ मैदान में है| जिसके चलते भाजपा में हड़कंप मचा हुआ है| डैमेज कंट्रोल करने में संगठन नेताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है|  पिछले दो दिनों में सबसे ज्यादा विरोध खजुराहो सीट पर देखने को मिल रहा है जहां भाजपा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चेहरे विष्णुदत्त शर्मा को प्रत्याशी बनाया है| स्थानीय नेताओं ने खुलकर विरोध कर दिया है| लोकसभा क्षेत्र के कई दिग्गज नेताओं ने खजुराहो में सोमवार को बैठक की और असंतुष्ट भाजपाइयों की तरफ से एक साझा स्थानीय प्रत्याशी खड़ा किए जाने का फैसला किया। वहीं प्रदेश में अलग अलग सीटों पर बनी बगावत की स्तिथि को साधने के लिए भोपाल में भाजपा ने बैठक बुलाई है| इसमें  डैमेज कंट्रोल को लेकर अब तक की गई कवायद और आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।

दरअसल, खजुराहो सीट पर पार्टी ने चौंकाने वाला फैसला किया है| वीडी शर्मा के विरोध में स्थानीय नेता एक जुट हो गए हैं| लोकसभा क्षेत्र के कई दिग्गज नेताओं ने खजुराहो में सोमवार को बैठक की और असंतुष्ट भाजपाइयों की तरफ से एक साझा स्थानीय प्रत्याशी खड़ा किए जाने का फैसला किया। सुरक्षा की दृष्टि से असंतुष्ट तीनों जिलों से एक-एक नेता का नामांकन पत्र भरवा रहे हैं, ताकि बाद में किसी ने दबाव में नाम वापस ले लिए तो एक प्रत्याशी को सभी स्थानीय लोग समर्थन दे सकें। 

सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में पूर्व विधायक कटनी सुकिर्ती जैन, पूर्व विधायक चंदला विजय बहादुर सिंह बुंदेला, सुधीर शर्मा, भाजपा के तीन बार जिलाध्यक्ष जयप्रकाश चतुर्वेदी पन्ना, जिला पंचायत पन्ना के अध्यक्ष रविराज यादव और जिला सहकारी बैंक पन्ना के पूर्व अध्यक्ष संजय नगाइच मौजूद थे। पूर्व मंत्री ललिता यादव मऊरानीपुर में होने के कारण शामिल नहीं हुईं। इन नेताओं का दावा है कि यादव भी स्थानीय प्रत्याशी चाहती हैं। बता दें कि ललिता यादव ने खजुराहो से टिकट की मांग की थी| इससे पहले पूर्व विधायक इस्तीफा दे चुके हैं| विंध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व पदाधिकारी महेंद्र यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष घासीराम पटेल, कटनी के पूर्व एमएलए राजू पोद्दार का भी समर्थन होने का दावा किया है। ये लोग पूर्व मंत्री कुसुम महदेले को भी अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। 

बीजेपी के घोषित प्रत्याशी के विरोध में सभी बड़े नेता एकजुट होकर प्रत्याशी बदलने की मांग कर रहे हैं| इस बैठक में तय किया गया कि संसदीय क्षेत्र के तीन जिले कटनी, पन्ना और छतरपुर से एक-एक प्रत्याशी का नामांकन भरवाया जाए। मयंक गौतम को भी साझा प्रत्याशी बनाकर खड़ा करने पर विचार हुआ। नेताओं ने कहा कि पार्टी लंबे समय से स्थानीय नेताओं की उपेक्षा कर रही है। ऐसे हालात अब हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। ऐसे स्तिथि में भाजपा के लिए सभी को साधना बड़ी चौनौती होगी| वहीं खजुराहो लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने छतरपुर राजपरिवार की बहू पर दांव लगाया है। वर्ष 2015 से खजुराहो नगर पंचायत अध्यक्ष कविता सिंह के ससुर राजा बलवंत सिंह का विवाह पन्ना राज परिवार में हुआ था। कविता सिंह के पति विक्रम सिंह नातीराजा खजुराहो से तीन बार से विधायक हैं। कविता सिंह से रिश्ता रखने वाले दोनों राजपरिवार खजुराहो लोकसभा सीट इलाके में ही आते और प्रभाव रखते हैं। बगावत के हालात को साधने के लिए भाजपा ने भोपाल में बैठक बुलाई है|  इसमें शामिल होने के लिए राष्ट्रीय महामंत्री अनिल जैन भोपाल आ रहे हैं। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह, प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सस्त्रबुद्धे भी इस बैठक में शामिल होंगे।  

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