दलित दूल्हे को घोड़ी चढ़ने से रोका, बारातियों से मारपीट, पुलिस पहरे में हुई शादी

छतरपुर । दलितों के बारात निकालने और दूल्हे के घोड़ी चढ़ने पर दबंगों की फिर गुंडागर्दी देखने को मिली है| मामला प्रदेश के छतरपुर जिले का है, जहां बड़ा मलहरा में दलितों को दबंगों के कहर का शिकार होना पड़ा |  गांधीनगर में छतरपुर से पहुंची दलित समाज की बारात को दबंगों ने रोक लिया|  जब दलित दूल्हे के लिए घोड़ा मंगाया गया तो यह बात दबंगों को नागवार गुजरी और उन्होंने ना सिर्फ घोड़े वाली की पिटाई की बल्कि जो बाराती उन्हें रोकते रहे उनकी भी पिटाई कर डाली। इसकी सूचना जब प्रशासन तक पहुंची तो पुलिस की मौजूदगी में  बारात निकाली गई फिर फेरे भी कराए गए| 

प्राप्त जानकारी के अनुसार छतरपुर से बारात लेकर बड़ामलहरा के गांधीनगर पहुंचे अशोक अहिरवार और उनका परिवार को दबंगों की गुंडा गर्दी का शिकार होना पड़ा। दबंगों ने बारात में दूल्हे के घोड़ी चढ़ते ही इसका विरोध कर दिया बात नहीं मानने पर दबंगों ने घोड़े को बांध लिया और कई लोगों के साथ मारपीट कर दी।  दरअसल, बारात निकलने की तैयारी में थी,  जब दूल्हा के लिए यहां घोड़ा लाया गया। घोड़ा को देखकर गांव के दबंग प्रभावशाली जोधन सिंह, अर्जुन सिंह और बलवंत सिंह ने यहां पहुंचकर घोड़ा वाले को रोका और इस बात पर आपत्ति जताई कि घोड़ा पर दूल्हा नहीं बैठेगा।  बहसबाजी शुरू हुई और दबंगों ने घोड़े को पकड़ कर रोक लिया और बारातियों से बदसलूकी करने लगे। लड़की के भाई लखन अहिरवार और पिता सकूरा अहिरवार से गाली गलौच करते हुए उनकी पिटाई कर दी। 

इसकी सूचना लड़की के बड़े भाई ने थाने जाकर वहां मौजूद एसडीएम राजीव समाधिया, एसडीओपी पी.के.सारस्वत, तहसीलदार कमलेश गुप्ता और थाना प्रभारी एस.के.दुबे को घटना की जानकारी दी। प्रशासन हरकत में आया और अधिकारी दल बल के साथ घटना स्थल पर जा पहुंचे। जिन्हें देखकर तीनों आरोपित मौके से भाग खड़े हुए। पुलिस की मौजूदगी में दलित दूल्हा को घोड़े पर बैठाया गया। रात में बारात पूरे गांव में घूमी और उनकी शादी कराई गई। बाद में सुबह बारात दुल्हन को लेकर विदा हो गई। इस घटना की शिकायत बड़ामलहरा थाना में दर्ज कराई गई है।

  

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