लोकायुक्त का शिकंजा, रिश्वत लेते रंगेहाथों ट्रैप हुआ सहायक पेंशन अधिकारी

 दमोह|   रिश्वत लेने वाले कर्मचारियों के खिलाफ लोकायुक्त ने एक बार फिर शिकंजा कसना शुरू कर दिया|  सरकारी विभागों में रिश्वत का खेल इस कदर हावी है कि विभाग से सेवानिवत्त होने वाली कर्मचारियों को भी बख्शा नहीं जाता है| उन्हें भी अपने ही विभाग से पेंशन निकलवाने के लिए रिश्वत खिलाना होती है| ताजा मामला सामने आया है दमोह में जहां एक सहायक पेंशन अधिकारी को रंगेहाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है| रिटायर्ड खेल व युवा कल्याण अधिकारी से 5 हजार रुपए की रिश्वत ली गई थी| 

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला खेल व युवा कल्याण अधिकारी के पद से 1 मार्च 2017 को रिटायर हुए पीके भल्ला अपनी पेंशन के लिए लगातार पेंशन कार्यालय के चक्कर काट रहे थे, लेकिन उनकी राशि नहीं निकाली जा रही थी| सहायक पेंशन अधिकारी मुकेश कुमार जैन द्वारा उनसे इसके लिए 7000 की रिश्वत मांगी गई।  इससे परेशान होकर भल्ला ने मामले की शिकायत लोकायुक्त सागर एसपी कार्यालय में दर्ज कराई। इसके बाद रिश्वत को लेकर हुई चर्चा की रिकॉर्डिंग भी सौंपी गई|

 इसके बाद शुक्रवार को रुपए 5 हजार की रिश्वत देना तय किया गया। जैसे ही भल्ला ने जैन के हाथ में 5 हजार रुपए रिश्वत थमाई, लोकायुक्त सागर की टीम ने रेड करते हुए रंगे हाथों सहायक पेंशन अधिकारी मुकेश कुमार को 5000 रुपए की रिश्वत लेते पकड़ लिया |  जैसे ही पानी में हाथ डाला रिश्वत के पैसों से हाथ रंगे नजर आए।   लोकायुक्त टीआई द्वारा जैन के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है|