बजट की बैठक में हुआ जमकर हंगामा, भाजपा के पांच पार्षद धरने पर बैठे

जबलपुर| जबलपुर नगर निगम में पेश हुए 12 अरब से ज्यादा के बजट पर आज चर्चा के दौरान सदन में जमकर हंगामा हुआ| नगर निगम सदन के गर्भ गृह में विपक्ष के पार्षदों की जगह सत्ता पक्ष से जुड़े पार्षदों और एमआईसी सदस्यों धरना दिया| कहने को नगर निगम सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने सामने होते है...लेकिन यहां तो सत्ता पक्ष अपने ही पार्षदों से ही घिर गई...दरअसल अपने वार्ड में पानी की सप्लाई ना होने, रुके पड़े निर्माण कार्य और पार्षद मद की राशि से होने वाले टेंडर जारी न होने से नाराज चार भाजपा पार्षदों ने नगर निगम सदन के गर्भ गृह में धरना देकर बैठ गए|   ये नजारा अजीबो गरीब था...क्योंकि सत्ताधारी दल को खुद ही धरना देना पड़ रहा था|

सदन की बैठक पर बजट को लेकर तो चर्चा नहीं हुई लेकिन अन्य मसलों पर दिनभर गर्मा गर्मी सदन के अंदर रही...अपनी ही नगर सत्ता के खिलाफ धरना देने वाले पार्षदों का कहना था की बीते चार सालों से उनके वार्ड में विकास के काम नहीं हो रहे है...जानलेवा नाले खुले अधूरे पड़े है..जबकि बीती बरसात में नालों में बहकर दो बच्चो को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा..लेकिन बावजूद उसके बार बार बोलने के बाद भी न तो अधिकारियों के कानों में जूं रेंगी और न ही महापौर ने उनकी मांग को गंभीरता से लिया है...आलम ये है कि वह वार्ड की जनता का सामना भी नहीं कर पा रहे है...और यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में उनके वार्ड की जनता उन्हें ही नालों में बहाने का काम करेगी...वही महापौर का कहना है कि हर पार्षद के वार्ड में बीते 4 सालों में करोडो रुपये के विकास के काम हुए है...और जो हमारे पार्षदों ने धरना दिया..उन्हें किसी बात की ग़लतफ़हमी हो गई है..जिसकी वजह से उन्होंने ऐसा किया है...क्योंकि धरना देने से काम नहीं होता है..कही कोई तकनीकी खामियां रह गई होगी..जिसकी वजह से उनके वार्ड के काम पूरे नहीं हो सकें है...वही इस मामले में विपक्ष ने भी मौके का फायदा उठाकर जमकर चुटकी ली और पूरे सदन में शेम शेम ने नारे लगाए..।

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