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विदिशा का किसान परेशान-युवा बेहाल, दो साल से झांकने तक नहीं आई सुषमा स्वराज

विदिशा । चिन्मय पांडेय| विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का संसदीय क्षेत्र का जिला विदिशा देश के पिछड़े जिलों में शामिल है। स्वराज ने दो साल से न तो अपने चुनाव क्षेत्र का दौरा किया और न ही क्षेत्र में पहुंची। नीति आयोग ने हाल ही में विदिशा को कुपोषण के मामले में प्रदेश का पहला पिछड़ा राज्य घोषित किया है। इसके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज विदिशा की सुध लेने के लिए भोपाल आ पहुंची, अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। लेकिन विदिशा नहीं पहुंची| इसको लेकर कांग्रेस लगातार विरोध कर रही है| शनिवार को मध्य प्रदेश किसान कांग्रेसके नेतृत्व में सांसद सुषमा स्वराज के विरोध में माधवगंज से अर्थी  निकालकर तिलक चोक पर पुतला दहन किया गया| 

किसान कांग्रेस ने सांसद पर क्षेत्र की जनता की अनदेखी, वादा खिलाफी और जनता को धोखा देने के आरोप लगाए हैं|  किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष आशीष भदौरिया का कहना है कि सांसद जब से यहाँ से जीत कर गयी लौट कर नही आई| विदिशा जिले में किसान परेशान है, युवा बेरोजगार है| हम अपनी शिकायत लेकर जाये कहां| उनका कहना है कि हम प्रशासन को ज्ञापन दे-देकर थक गए है, सांसद का ऑफिस तक यहां नही है| भाजपा सरकार ने विदिशा को चारागाह बना दिया है| उन्होंने कहा आने वाले समय में सड़कों पर उतारकर भाजपा सरकार, सांसद और प्रशासन के विरोध आंदोलन करेंगे| 

  

शिवराज का गढ़ रहा है विदिशा 

यूँ तो विदिशा शुरू से ही भाजपा और संघ का गढ़ रहा है। यहां से पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी भी संसदीय सदस्य रह चुके हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा से लंबे समय तक सांसद रहे हैं। 2013 का विधानसभा चुनाव भी मुख्यमंत्री ने विदिशा से ही लड़ा था। इसके बावजूद भी भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा विदिशा को देश के सबसे पिछड़े जिलों की श्रेणी में शामिल करना, सरकार के विकास के दावों पर सवाल उठाता है। वहीं सुषमा स्वराज का विदिशा न पहुंचना बड़े सवाल खड़े करता है| यह भी खबर है कि सुषमा स्वराज विदिशा से अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। हालांकि इसको लेकर अभी पार्टी की ओर से कोई ऐलान नहीं किया गया है। सुषमा द्वारा क्षेत्र से लगातार दूरी बनाए जाने से विदिशा से अगला चुनाव लड़ने पर संशय की स्थिति है। वहीं स्थानीय लोग और कांग्रेस इसका भरपूर विरोध कर रही है और आने वाले दिनों में सड़कों पर उतर कर आंदोलन की चेतावनी दी है| 


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