साहित्यकार की सकारात्मक सोच और उसकी रचना समाज को जोड़ने का कार्य करती है – केशरीनाथ त्रिपाठ

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इटावा – (उप्र) गणेश भारद्वाज।

साहित्यकार की सकारात्मक सोच और उसकी रचना समाज को जोड़ने का कार्य करती है । कवि की कविता समाज को समाज को सदैव नई दिशा देती है । आज आवश्यकता है कि कवि और साहित्यकार समाज को जोड़ने और उसे दिशा देने का कार्य करें । उक्त विचार कवि कमलेश शर्मा की तृतीय कृति मुक्तक कमलेश के के लोकार्पण समारोह में  बंगाल के पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने मुख्य अतिथि के रुप में बोलते हुए व्यक्त किये । वह विगत दिवस नारायण कॉलेज ऑफ साइंस एंड आर्ट्स इटावा में लोकार्पण समारोह  को संबोधित कर रहे थे 

लोकार्पण समारोह में इटावा के सांसद एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के अध्यक्ष डॉ रामशंकर कठेरिया ने अध्यक्षीय उद्वोधन में देश के वर्तमान हालात में कवियों को आगे बढ़कर देश को दिशा देने का आव्हान किया, समारोह की विशिष्ट अतिथि इटावा की विधायक सरिता भदौरिया ने साहित्य की समाज का दर्पण बताया साथ ही आवश्यकता पड़ने पर कवियों द्वारा देश और समाज मे जागृति लाने की एक लंबी परंपरा का उल्लेख करते हुए कवि कमलेश शर्मा को वर्तमान में उसी परंपरा का वाहक एवं प्रतिनिधि निरूपित किया, लोकार्पण समारोह में पधारे इटावा के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष फुरकान अहमद ने अपने विचार करते हुए कमलेश शर्मा के मुक्तक संग्रह को साहित्य जगत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया । इंग्लैण्ड निवासी जय वर्मा ने भारत से इंग्लैण्ड बसने के अपने संस्मरणों को अपने उद्वोधन में साझा करते हुए हिंदी के उपयोग पर जोर दिया । उल्लेखनीय है कि विगत दिवस नारायण कॉलेज ऑफ साइंस एंड आर्ट्स इटावा के भव्य सभागार में कमलेश शर्मा की तीसरी कृति मुक्तक कमलेश के के लोकार्पण समारोह में इटावा और इटावा से बाहर के कई जनपदों से हिंदी साहित्य सेवियों का महासंगम हुआ । 

अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ समारोह का शुभारंभ हुआ

इस अवसर पर इटावा के साथ ही भिण्ड , मुरैना ,औरैया मैनपुरी से आये साहित्यकारों ने अपनी कविताओं से माहौल को कवितामय बना दिया । संयोजक अंकित तिवारी , सह संयोजक अमित कुमार और आदित्य शर्मा , संध्या शर्मा , श्रेता तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया । समारोह में बड़ी संख्या में हिंदी प्रेमियों और हिंदी सेवियों ने सहभागिता की । 

भिण्ड मध्यप्रदेश से डॉ सुखदेव सिंह सैंगर , भिण्ड के प्रखर पत्रकार व समाजसेवी गणेश भारद्वाज, रामशंकर शर्मा, रामकुमार पाण्डेय , हशरत हयात , अंजुम मनोहर  , डॉ उमा शर्मा , धर्मेंद्र त्रिपाठी ग्वालियर से शरद द्विवेदी , विमला द्विवेदी , मुरैना से अखिलेश शर्मा , मैनपुरी से एन सी भटेले , रामदत्त पारस , नंद किशोर वर्मा , कृष्णानंद दुबे सत्यवीर सिंह , उदयवीर सिंह याद मुकेश चौहान , ऋषिकांत औरैया से भागवत स्वरूप विश्नोई , डॉ अजय सिंह , सुनील मिश्रा ,साध्येश सैंगर अनिल दीक्षित , अजय मिश्र , अमरेंद्र तिवारी , की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। इटावा के अनेक  डॉक्टर्स ,शिक्षाविद , शिक्षक नेता ,  व्यापारी उद्योगपति राजिनीतिज्ञ , कवि और साहित्यकार शामिल हुए । इस अवसर पर  जौरा मुरैना के साहित्यकार अखिलेश शर्मा को स्व.ब्रजकिशोर चौधरी स्मृति न्यास के तत्वावधान में स्व.ब्रजकिशोर शर्मा स्मृति काव्य श्री सम्मान – 2019  केशरीनाथ त्रिपाठी (पूर्व राज्यपाल बंगाल) द्वारा प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ कुश चतुर्वेदी ने किया । मुख्य अतिथि के विलम्बित होने के दौरान कुशलता से किये गए संचालन की उपस्थित विद्वानों द्वारा प्रशंसा की गई। देश के सुप्रसिद्ध कवि कमलेश शर्मा ने समस्त अभ्यागतों , मेहमानों , का आभार व्यक्त किया । उक्त पुस्तक लोकार्पण समारोह इटावा की साहित्यिक उपलब्धियों में मील का पत्थर सिद्ध हुआ । इससे पूर्व के वर्षों में भी कमलेश शर्मा की दो और पुस्तकों (गीत संग्रहों) – पीर किससे कहें , तथा अगर गाँधी तुम होते का लोकार्पण बहुत ही भव्यता से हुआ था ।

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