पूर्व विधायक

पश्चिम बंगाल, डेस्क रिपोर्ट। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) को आज से कुछ महीने पहले तक हाई प्रोफाइल चुनाव में गिना जा रहा था। चुनाव के दौरान कई तरह के बदलाव देखने को मिले। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं ने बीजेपी (BJP) की शरण ली। वहीं कुछ नेताओं द्वारा TMC के टिकट नहीं मिलने पर बीजेपी का दामन थाम लिया गया। वही कभी ममता बनर्जी के करीबी रही सोनाली गुहा का एक पत्र चर्चा का विषय बना हुआ है।

दरअसल टिकट नहीं मिलने से नाराज TMC के पूर्व विधायक सोनाली गुहा (sonali guha) ने चुनाव के ठीक पहले बीजेपी का दामन थाम लिया था। इस दौरान बीजेपी में शामिल होते हुए उन्होंने ममता बनर्जी को लेकर कई तरह के बयान भी जारी किए थे। हालांकि बीजेपी द्वारा भी उन्हें कहीं से चुनाव लड़ने का टिकट नहीं दिया गया था।

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इधर ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने के लिए भारी मतों से जीत हासिल की। इसके बाद अब बीजेपी नेता सोनाली गुहा द्वारा ममता बनर्जी को चिट्ठी लिखकर पार्टी में वापसी की मांग की गई है। सोनाली गुहा ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि अगर दीदी ने मुझे माफ नहीं किया तो मैं जिंदा नहीं रहूंगी। इतना ही नहीं बीजेपी नेत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि उन्होंने भावनाओं में बहकर अभिमान के कारण तृणमूल कांग्रेस का त्याग किया था लेकिन अब उन्हें अपनी गलती का एहसास है। वहीं उन्होंने ममता बनर्जी से अपील की है कि मछली पानी के बिना जिंदा नहीं रह सकती। इसलिए उन्हें तत्काल तृणमूल कांग्रेस में वापसी कराई जाए।

इधर इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी से पूछा गया तो उनका कहना है कि अगर बीजेपी नेत्री अपनी पुरानी पार्टी में वापस लौटना चाहती हैं तो बीजेपी कोई से कोई समस्या नहीं है। जबकि मामले में TMC के एमपी सौगत रॉय का कहना है कि सोनाली गुहा को पार्टी में वापसी कराने का अंतिम निर्णय ममता बनर्जी का होगा और वह जैसा चाहेंगी। पार्टी वैसा ही निर्णय लेगी।