होली से पहले स्व सहायता समूहों की महिलाओं के लिए सीएम शिवराज की बड़ी घोषणा

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिला स्व सहायता समूह को इस बार गेहूं और अन्य फसल की खरीदी से भी जोड़ा जा रहा है। इसका सीधा सीधा लाभ महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं को होगा।

स्व सहायता समूह

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश सरकार (MP Government) ने महिला सशक्तिकरण (women empowerment) पर जोर दिया है। महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए सीएम शिवराज (CM Shivarj) ने उन्हें समाज में बराबरी का दर्जा दिलाने के लिए गंभीर कदम उठाएं हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chhauhan) ने कहा कि ऐसा कोई काम नहीं है, जो महिलाएं नहीं कर सकती है। वहीं उन्होंने स्व सहायता समूह (self help group) के महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा की।

दरअसल सीएम शिवराज ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर स्व सहायता समूह के खाते में 200 करोड़ रूपए हस्तांतरित किए गए थे। एक बार फिर से सहायता समूह को संबल देने के लिए प्रत्येक महीने समूह के खाते में डेढ़ सौ करोड़ पर डाले जाएंगे। सीएम शिवराज ने कहा कि महिला स्व सहायता समूह को बढ़ावा देने के लिए और उनकी कार्यशैली को तीव्र करने के लिए अब 4% या 2% का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

साथ ही शेष ब्याज की राशि राज्य सरकार वहन करेगी। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिला स्व सहायता समूह को इस बार गेहूं और अन्य फसल की खरीदी से भी जोड़ा जा रहा है। इसका सीधा सीधा लाभ महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं को होगा।

Read More: कांग्रेस का लोकतंत्र सम्मान दिवस, ये होंगे कार्यक्रम, शिव-ज्योति को घेरने की तैयारी!

बड़ी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यान भोजन की सामग्री महिला स्व सहायता समूह से ही क्रय की जाएगी। वह इससे पहले नए सत्र के लिए शासकीय विद्यालय के पोशाक तैयार करने का कार्य भी महिला संसद का समूह को दिया गया है। जबकि पंचायत स्तर पर होने वाले सर्वेक्षण, मनरेगा के तहत 50 फ़ीसदी में एक मेट महिला संस्था समूह के सदस्य को बनाया जाएगा।

सीएम शिवराज ने कहा कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए स्वयं सहायता समूह के माध्यम से लोकल को वोकल (local to vocal) बनाया जा रहा है। प्रदेश में जितनी महिलाएं सशक्त होगी प्रदेश का विकास होते तीव्र गति से होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आज दिन में मध्यप्रदेश के लिए महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देना आवश्यक है और यही हमारा लक्ष्य भी है।