CSP के तबादले पर कांग्रेसी नेता का तंज – प्रदेश में दो तरह के कानून..

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एसडीएम के चेहरे पर कालिख पोतने का मामला गर्माता जा रहा है। जहां अब इस मुद्दे पर सियासी लड़ाइयां शुरू हो गई है। इस मुद्दे पर अब तक कई बीजेपी और कांग्रेसी नेता के बयान सामने आ चुके हैं जिसके बाद कांग्रेस नेता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट कर प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के लिए अलग-अलग कानून होने की बात कही है।

दरअसल नरेंद्र सलूजा ने कहा कि छिंदवाड़ा जिले में एक कांग्रेसी नेता द्वारा अधिकारी के मुंह पर कालिख पोतने के बाद उस पर हत्या के प्रयास की धारा सहित कई नेताओं पर कई तरह के प्रकरण दर्ज किए गए। जबकि ऐसा ही एक वाकया उज्जैन में भी हुआ। उज्जैन में भाजपा नेता ने सरेआम एक टीआई को धक्का दे दिया। जिसमें टीआई को फैक्चर भी हुआ महिला सीएसपी को अपशब्द भी कहे गए। बावजूद इसके बीजेपी नेताओं पर कार्रवाई होने की जगह उल्टा महिला सीएसपी पर कार्यवाही कर दी गई। इसी के साथ कांग्रेस नेता नरेंद्र सलूजा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कैसे मामा है जो एक भांजी महिला सीएसपी के उनके राज्य में होने वाली गलत चीजों को रोकने पर तबादला की धमकी देते हैं।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि एक प्रदेश में दो तरह के कानून हैं। कांग्रेस के लिए अलग, बीजेपी के लिए अलग। महिला अधिकारी को प्रताड़ित करने की घटना, जहां भाजपा नेताओं की अध्यक्षता को खुला संरक्षण मिला हुआ है। आखिर यह कैसे मामा?

बता दें कि बीते दिनों प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में कांग्रेसी नेता ने एसडीएम को ज्ञापन सोते वक्त उनके चेहरे पर कालिख पोत दी थी। जिसके बाद प्रदेश में हंगामे की स्थिति मच गई थी। वहीं एसडीएम ने पूर्व विधायक सहित कांग्रेस के 22 नेताओं पर प्रकरण दर्ज करवाया था। जिसके बाद घटना के विरोध में राष्ट्रीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। वही अफसरों के साथ-साथ तहसीलदार पटवारी और अारअाई भी हड़ताल पर चले गए।

वहीं दूसरी तरफ उज्जैन जिले में मुख्यमंत्री के हेलीपैड से उतरते समय भाजपा नेता जबरन हेलीपैड से अंदर जाने की कोशिश कर रहा था। जिसे पुलिसकर्मियों ने रोक लिया था इस बीच भाजपा नेता और पुलिसकर्मियों में जमकर भिड़ंत हुई। जहां मौके पर पहुंचकर सीएसपी ने दोनों पक्षों को शांत कराया था। इस दौरान बीजेपी नेता सीएसपी रितु केवारे से भी उलझ गए और उन्हें ट्रांसफर करने की धमकी दी थी। इसी बीच अब सीएसपी रितु केवारे का तबादला ग्वालियर कर दिया गया है। जिस पर मामला गरमा गया है।