Corona crisis: संकटकाल के समय मुख्यमंत्री शिवराज ने दी श्रमिकों को बड़ी राहत

भोपाल।

लॉक डाउन की दूसरी पारी शुरू होने से पहले ही इसके बारे में कई तरह के अंदेशे लगाए जा रहे थे। यह तय था कि लॉक डाउन आगे बढ़ेगा ही। इसी बीच प्रदेश की शिवराज सरकार ने प्रदेश के 8 लाख से अधिक श्रमिकों के खाते में 1000 रुपए के हिसाब से 70 लाख रुपए जमा किए थे। जिसके बाद सोमवार को मुख्यमंत्री चौहान ने प्रदेश से बाहर रह रहे प्रदेश के ही 7000 मजदूरों के खाते में एक 1000 रुपए जमा किया है। श्रमिकों को कोई राशि विभागीय पोर्टल के माध्यम से भेजी गई है।

दरअसल 25 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देशव्यापी लॉक डाउन के बाद प्रदेश से बाहर रह रहे श्रमिक अपने गृह राज्य ने लौट सके थे। जहां इस महामारी के वक्त में उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। श्रमिकों की समस्याओं को देखते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने उन्हें आश्वासन दिया था कि वह जिस राज्य में है उसी राज्य में ठहरे रहे उनके खाने में रहने की व्यवस्था प्रदेश सरकार करेगी। जिसके बाद सोमवार को 70 लाख रुपए श्रमिकों के खाते में स्थानांतरित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न राज्यों में फंसे गृह श्रमिकों को उचित सुविधा मुहैया कराए जाने को लेकर वहां के राज्य सरकार से बातें की जा रही है।

इसी के साथ प्रदेश में फैले महामारी के बीच मुख्यमंत्री चौहान ने यह फैसला किया है कि करीब एक करोड़ 16 लाख निर्धन एवं गरीब लोगों को प्रदेश सरकार 3 माह का राशन भी मुफ्त उपलब्ध करवाएगी। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत करीब साढ़े पांच करोड़ लोगों को प्रदेश सरकार ने 5 किलो चावल के अलावा 1 किलो दाल सहित चना एवं तुअर दाल भी उपलब्ध करवाएगी। यह अनाज गरीबों को अपने अप्रैल माह के अंत तक उपलब्ध करवाई जाएगी।

गौरतलब हो कि प्रदेश में फैली महामारी के बीच लाक डाउन की स्थिति में गरीबों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। ऐसे में केंद्र एवं राज्य सरकार ने मिलकर निर्णय लिया है प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत अप्रैल, मई और जून इन 3 माह के लिए प्रदेश के एक करोड़ 16 लाख परिवारों को चावल और दाल की सुविधा दी जाएगी।