रक्षाबंधन पर कोरोना का असर: जेल में कैदी भाईयों को राखी नहीं बांध सकेगी बहनें

बालाघाट।सुनील कोरे

वैश्विक महामारी कहे जाने वाले कोरोना-19 की बीमारी ने न केवल आम लोगों को प्रभावित किया है अपितु इससे पारंपरिक, धार्मिक और ऐतिहासिक त्यौहार भी अछूते नहीं है। बात करें तो आगामी आने वाले माह की 3 अगस्त सोमवार को आने वाले भाई-बहन के अटूट बंधन, रक्षाबंधन का पर्व पूरे श्रद्वा, आस्था और विश्वास के साथ मनाया जायेगा। इस दिन के लिए बहनें बेसब्री से पूरा साल इंतजार करती है, ससुराल गई लड़कियां भी इस दिन भाईयों को रक्षाबंधन बांधने अपने मायके आती है और रक्षासूत्र बांधकर कर रक्षा का वचन लेती है और भाई भी बहन के दीर्घायु और सुखी होने की कामना करते हुए यथाशक्ति उपहार देते है, ताकि यह अटूट बंधन, ऐसे ही बना रहे।

इस वर्ष 2020 में वैश्विक महामारी बनकर आये साल के सबसे बड़े कोरोना बीमारी के संकट ने रक्षाबंधन को भी अपने संकट में ले लिया है। इस वर्ष भाई बहन के प्रेम, के उत्सव के तौर पर मनाये जाने वाले रक्षाबंधन पर कोरोना का ग्रहण होगा। जिससे अधिकांश भाईयों की कलाई भले ही सुनी नहीं रहेगी लेकिन इस वर्ष घरो में रक्षाबंधन पर भाईयों को राखी बांधने, बेटियों के नहीं पहुंचने पर घर में उत्सव के रूप में मनाये जाने वाले इस पर्व में उस तरह की खुशी नहीं देखने को मिलेगी, जिस तरह से इस कोरोना कॉल में आने वाले रक्षाबंधन पर्व पर दिखाई देगी।

इस वर्ष कैदी भाईयों को राखी नहीं बांध सकेगी बहने

कोरोना कॉल के संकट में भाई-बहन के बीच अटूट और पावन त्यौहार रक्षाबंधन पर भी कोरोना संकट पैदा हो गया है। इस वर्ष कैदी भाईयों को बहनें, जेल में पहुंचकर उनके हाथो में रक्षासूत्र नहीं बांध सकेगी। चूंकि निर्देशानुसार जेल में बंद कैदियों से मिलने पर आगामी 31 अगस्त तक प्रतिबंध लगा है, हालांकि इस दौरान बंदी कैदियों से परिजन फोन पर चर्चा कर सकते है, इस वर्ष कैदी भाईयों की बहने बंदी और जिला जेल बालाघाट के नाम से डाकसेवा के तहत अपनी राखी भिजवा सकती है, जिसे जेल प्रबंधन कैदी भाईयों के हाथो तक पहुंचा देगा। यह पहला वर्ष होगा कि जब जेल में रक्षाबंधन का त्यौहार, बिना कैदी भाईयों की बहनो के मनेगा। हालांकि इस दिन को, जेल प्रबंधन, एक साधारण उत्सव के रूप में कोरोना के मापदंडो के अनुरूप मनाये जाने की योजना, तैयार कर रहा है, जिसमें इस बार जेल प्रबंधन, रक्षाबंधन में कैदी भाईयों के हाथो में रक्षाबंधन बांधेगा और कैदी भाईयों से वचन लेगा कि वह अपने अपराध की सजा काटने के बाद एक आम इंसान का जीवन परिवार के साथ खुशहाल बितायेगे।

प्रतिवर्ष रक्षाबंधन पर जेल में मनाये जाने वाले कैदी भाईयों के रक्षाबंधन की फोटो अखबारांे के पेज में होती थी लेकिन इस वर्ष ऐसी फोटो नहीं होगी। हालांकि इससे न केवल कैदी भाईयों अपितु साल में एक बार कैदी भाईयों से रक्षाबंधन में मिलने पहुंचने वाली बहनांे में काफी निराशा है। हालांकि कोरोना बीमारी के बढ़ते मामले के चलते, इस वर्ष जेल में रक्षाबंधन के पर्व, बीते वर्ष की तरह नहीं मनाया जायेगा।

नियमानुसार आगामी 31 अगस्त तक बंदियों के मुलाकात में पाबंदी होने से रक्षाबंधन पर जेल पहुंचकर राखी बांधने वाली बहने, इस वर्ष कैदी भाईयों को राखी नहीं बांध सकेगी। बताया जाता है कि कोरोना बीमारी की संक्रमण चेन तोड़ने और इस रोकने को लेकर प्रतिबंधात्मक निर्देश जारी किये गये है। हालांकि जेल में निरूद्ध कैदी भाईयों के लिए बहने बंदी भाई का नाम और जिला जेल लिखकर डाक के माध्यम से राखी भिजवा सकती है, जिसे जेल प्रबंधन बंदी कैदी तक पहंुचा देगा।

शुभ दिन आ रहा रक्षाबंधन का पर्व

इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व अगले माह 3 अगस्त में पड़ रहा है। 3 अगस्त को सावन का अंतिम यानि 5 वां सोमवार भी है। रक्षा बंधन के पर्व को मनाने के लिए अभी से तैयारियां शुरू हो गई हैं, रक्षा बंधन का पर्व पंचांग के अनुसार 3 अगस्त को मनाया जायेगा। रक्षा बंधन का पर्व भाई बहनों का पवित्र पर्व है. इस दिन को भाई बहन के प्रेम के उत्सव के तौर पर मनाया जाता है। रक्षा बंधन के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और भाई बहनों को रक्षा का वचन देते हैं। इस दिन बहनें राखी बांधकर भाई के लिए दीर्घायु सुख और समृद्धि कामना करती हैं। रक्षा बंधन की तैयारियां आरंभ हो चुकी हैं. कोरोना वायरस के संक्रमण और लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में भाई बहनों ने एक दूसरों को उपहार देने के लिए ऑनलाइन शॉपिंग भी पूरी कर ली है। कोरियर और डाक से राखियों को भेजने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है।

रक्षाबंधन का शुभ मुहुर्त

इस वर्ष श्रावण मास के पांचवे सोमवार यानि 3 अगस्त को रक्षाबंधन का पवित्र पर्व मनाया जायेगा। जिसमें बहनें अपने भाईयों की कलाई में रक्षासूत्र बांधेगी। अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिषाचार्य प्रो. अरविंदचंद्र तिवारी के अनुसार 3 अगस्त को पूरे दिन पूर्णिमा तिथि है, जो रात 8.15 बजे तक होगी। इस दौरान भद्रा भी खत्म हो जायेगी। रक्षाबंधन 3 अगस्त सोमवार को रक्षाबंधन बांधने के तीन शुभ मुहर्त है। जिसमें प्रातः 9 बजे से 10.30 बजे तक, सुबह 11.36 से दोपहर 12.24 तक (अभिजीत मुहुर्त) और दोपहर 1.30 बजे से शाम 8.15 बजे तक, बहने इस शुभ मुहुर्त में भाईयों को रक्षासूत्र बांध सकती है।

इनका कहना है

इस बार जेल में रक्षाबंधन का पर्व नहीं मनाय जायेगा। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार आगामी 31 अगस्त तक बंदियों से मुलाकात पर भी प्रतिबंध है। हालांकि कैदी से परिजनों, दूरभाष और पत्राचार से संपर्क कर सकते है। यदि कैदियों के लिए कोई आवश्यक सामग्री आयेगी, तो उसे जेल प्रबंधन लेकर कैदियों तक पहुंचा देगा। यदि बहने, जेल में बंद कैदी भाईयों के लिए राखी भिजवाना चाहती है तो वह बंदी भाई का नाम और जिला जेल बालाघाट का पता डालकर, डाक के माध्यम से भिजवा सकती है, राखी तो कैदी भाई तक पहुंचा दिया जायेगा।
यजुवेन्द्र बाघमारे, जेल अधीक्षक