फसल उपार्जन प्रक्रिया में आई तेजी, 5 दिनों में रिकॉर्ड खरीदी, किसानों को किया जा रहा भुगतान

फसलों को बारिश से बचाने के लिए इस बार खरीदी के साथ-साथ परिवहन की व्यवस्था भी रखी गई है।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में कोरोना संक्रमण (corona infection)  के बीच किसानों (farmers) को बड़ी राहत दी गई है। जहां न्यूनतम समर्थन मूल्य (minimum support price) पर फसल खरीदी के काम में तेजी देखी जा रही है। प्रदेश में बीते 5 दिनों में 10 लाख टन गेहूं की खरीदी की गई है। इतना ही नहीं 17.37 लाख टन गेहूं का परिवहन किया भी जा चुका है।

दरअसल परिवहन के साथ-साथ किसानों का फसल उपार्जन भी किया जा रहा है। अबतक किसानों को 1200 सौ करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। वही फसल खरीदी के बीच प्रदेश के 3 लाख 6 हजार किसानों से 21 लाख टन से अधिक की गेहूं खरीदी की जा चुकी है।

बता दें कि इस बार 24 लाख से अधिक किसानों ने फसल बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन (registration) करवाया है। जिनमें छोटे-छोटे अंतराल पर किसानों को फसल बेचने के लिए s.m.s. भेजे जा रहे हैं। इस मामले में नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती दिनों में फसल उपार्जन के प्रक्रिया थोड़ी धीमी थी लेकिन लॉकडाउन (LOCKDOWN) और कोरोना संक्रमण के बीच एक बार फिर से उपार्जन में गति देखी गई है।

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वही राहत की बात यह है कि किसानों से फसल खरीदने के बाद उन्हें खाते में फौरन ही भुगतान किया जा रहा है। इस मामले में अधिकारियों ने आशंका जताई है कि जल्दी फसल उपार्जन की प्रक्रिया में तेजी आएगी। फसलों को बारिश से बचाने के लिए इस बार खरीदी के साथ-साथ परिवहन की व्यवस्था भी रखी गई है।

इससे पहले प्रदेश में बड़े कोरोना प्रभाव को देखते हुए किसानों को फसल उपार्जन के लिए नियम और निर्देश तय किए गए हैं। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए किसानों को अपनी फसल भेजनी है। वही उपार्जन केंद्रों पर पहुंच रहे किसान मास्क लगाकर, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अपनी फसलों को बेच रहे हैं। वही जिन किसानों ने मास्क नहीं लगाए होते हैं। उनकी खरीदी नहीं की जा रही है।