MP News: मध्यप्रदेश में बिजली सप्लाई करने लागू होगा फ्लेक्सी प्लान

प्रमुख सचिव ने बताया कि वर्तमान में 100 यूनिट तक बिजली की खपत पर 100 रुपए का बिल दिया जा रहा है। इसी प्रकार सौ से डेढ़ सौ यूनिट तक की बिजली की खपत पर 384 रुपए महीने का बिल दिया जा रहा है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने कहा कि प्रदेश में जनता को सिंचाई (Irrigation) के लिए भरपूर बिजली (Electricity) प्रदाय करने एवं बिजली की बचत के उद्देश्य से फ्लेक्सी प्लान (Flexi Plan) लागू किया जाएगा। इस प्लान में लोड के समय को छोड़कर कम लोड के समय बिजली प्रदाय की जाएगी।

सुबह 9:00 बजे सर्वाधिक लोड का समय होता है, अतः इस समय को छोड़कर बिजली दी जाएगी। इस योजना के लागू होने से एक तरफ किसान को उनकी सुविधा अनुसार भरपूर बिजली मिलती रहेगी।ल, वहीं प्रतिदिन लगभग 3000 मेगावाट बिजली बचेगी जिससे प्रतिदिन लगभग एक करोड रुपए की बचत भी होगी।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में किसानों को सिंचाई के लिए दिन और रात में बिजली दी जाती है। रबी में सर्दी में खेती में सिंचाई करना किसानों के लिए कष्टकारक होता है। अतः दिन में सिंचाई के लिए बिजली प्रदाय के घंटे बढ़ाए जाएं, यथासंभव किसानों को सिंचाई के लिए बिजली दिन में प्रदान की जाए।

मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि वर्तमान में गुजरात (Gujarat) में किसानों को सिंचाई के लिए पूरी बिजली दिन में ही दी जा रही है। उन्हें प्रमुख सचिव को निर्देश दिए कि गुजरात मॉडल की स्टडी कर मध्य प्रदेश में किसानों को इस सुविधा एवं आवश्यकता की दृष्टि से बिजली प्रदाय की जाए।

प्रमुख सचिव ने बताया कि वर्तमान में 100 यूनिट तक बिजली की खपत पर 100 रुपए का बिल दिया जा रहा है। इसी प्रकार सौ से डेढ़ सौ यूनिट तक की बिजली की खपत पर 384 रुपए महीने का बिल दिया जा रहा है। इसके बाद सामान्य दर पर बिजली दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि हर गरीब को सस्ती बिजली मिले या सुनिश्चित किया जाए। बिजली बिल की नियमित वसूली भी होनी चाहिए।

यह है फ्लेक्सी प्लान

प्रदेश में वर्तमान में 10 केबी कृषि फीडरों से सिंचाई की बिजली दिन में 6 घंटे व रात में 4 घंटे प्रदाय की जाती है। फ्लेक्सी प्लान के अंतर्गत इतने ही समय बिजली प्रदाय की जाएगी, लेकिन पीक लोड के समय को छोड़कर कमलोड के समय बिजली प्रदाय की जाएगी। प्रात 9:00 बजे सर्वाधिक लोड का समय होता है, अतः इस समय को छोड़कर बिजली दी जाएगी। फ्लेक्सी प्लान के अंतर्गत ए, बी एवं सी समूह में बिजली दी जाएगी। इस योजना के अंतर्गत प्रतिदिन बिजली की अधिकतम मांग 16000 मेगावाट से घटकर 14766 मेगावाट हो जाना अपेक्षित है। बिजली की मांग घटने से किसानों को अतिरिक्त बिजली दी जा सकेगी और अन्य राज्यों को बिजली बेची जा सकेगी।

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