MP: अगर ऐसा नहीं किया तो नहीं मिलेगा समर्थन मूल्य, गाइडलाइन जारी

धान की खेती के लिए कृषि विभाग मध्यप्रदेश द्वारा गाइडलाइन जारी की गई है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। किसानों (farmers) को जागरूक करने के लिए और अच्छी क्वालिटी (Good Quality) के बीज उपलब्ध कराने के लिए मध्यप्रदेश सरकार (Government of Madhya Pradesh) ने नई मुहिम शुरू की है। इसके मुताबिक कृषि विभाग, मध्यप्रदेश (Agriculture Department, Madhya Pradesh) द्वारा धान की खेती के लिए गाइडलाइन (Guideline) जारी किया गया है। वही आदेश में कहा गया है कि यदि किसान धान की खेती के लिए जारी गाइडलाइन का पालन नहीं करता है तो उसकी धान को समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदा जा सकेगा।

दरअसल मध्य प्रदेश कृषि विभाग के अधिकारी ने बताया कि कृषि मंत्रालय ने सभी कलेक्टर कार्यालय को सरकारी आदेश भेजा है। जिसके मुताबिक धान की खेती के लिए कृषि विभाग मध्यप्रदेश द्वारा गाइडलाइन जारी की गई है। अधिकारी के मुताबिक कई बार किसान समझदार नहीं होते। वह गलत बीच खरीद लेते हैं। जिससे उनकी फसल खराब होती है और सरकार को खराब क्वालिटी की फसल खरीदनी पड़ती है। जिस कारण से किसानों को जागरूक करने और अच्छी फसल की खेती करवाने के लिए सरकार ने यह आदेश जारी किया है।

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वहीं धान की खरीदी के लिए कृषि विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन के मुताबिक किसानों को धान का बीज कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही कृषि विभाग का अधिकारी जिस कंपनी के बीज की वकालत करेंगे। किसान को वहीं बीज खरीदनी पड़ेगी।

इतना ही नहीं किसान को मिलर्स से बेस्ट क्वालिटी का सर्टिफिकेट लेना होगा। अगर ऐसा नहीं होता है और बिना मिलर्स के सर्टिफिकेट के बिना किसान धान की बुआई करते हैं तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार नहीं होगी। इसके साथ ही साथ धान की क्वालिटी तय करने के लिए खाद्य विभाग की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जाएगी। आदेश के मुताबिक यदि धान की फसल उत्तम क्वालिटी की नहीं होती है तो उसे समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदा जाएगा।

वहीं दूसरी तरफ धन का उपार्जन मंडी में और अधिक सरलता से कैसे हो। इसके लिए सरकार पूरी तरह से प्रयासरत है। इस मामले में प्रमुख सचिव फैज अहमद किदवई ने कहा कि खरीफ फसल के उत्पादन के लिए किसान को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जा रही है। वहीं असुविधा होने की स्थिति में किसान कॉल सेंटर में अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके अलावा कॉल सेंटर से प्रतिदिन जिले के लगभग 10 किसानों को फोन पर उपार्जन से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी जा रही है। जिसे उन्हें दिक्कत का सामना ना करना पड़े।