MP News : कमलनाथ का बड़ा बयान- जिस दिन ऐसा हुआ, ले लूंगा राजनीति से संन्यास

नाथ ने कहा कि छिंदवाड़ा क्षेत्र की जनता जिस दिन चाहेगी, मैं उस दिन ही संन्यास ले लूंगा। इस पर जनता ने जवाब देकर कहा कि हम आपको एक बार फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं , हम आपको सन्यास नहीं लेने देंगे।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश उपचुनाव (MP By-election) में 28 सीटों में से 22 पर मिली करारी हार के बाद कांग्रेस नेता लगातार संगठन पर सवाल खड़े कर रहे है। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) ने बड़ा बयान देकर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। कमलनाथ ने साफ कहा कि छिंदवाड़ा (Chhindwara) क्षेत्र की जनता जिस दिन चाहेगी , मैं उस दिन ही संन्यास ले लूंगा।

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दरअसल, अपने छिंदवाड़ा दौरे के दौरान आज सोमवार (Monday) को जनता के समक्ष नाथ ने कहा कि छिंदवाड़ा क्षेत्र की जनता जिस दिन चाहेगी, मैं उस दिन ही संन्यास ले लूंगा। इस पर जनता ने जवाब देकर कहा कि हम आपको एक बार फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं , हम आपको सन्यास नहीं लेने देंगे। मैं बिकाऊ राजनीति नहीं करूंगा। बीजेपी ने सौदा किया और सरकार बना ली।  इस बात की जानकारी कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा (Congress media coordinator Narendra Saluja) ने दी है।

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 कमलवाथ को पद का मोह नहीं

सलूजा ने बताया कि इसके पूर्व भी कमलनाथ कई बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि वे अपने राजनीतिक जीवन में कई उच्च पदों पर रह चुके हैं, केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उन्होंने कई विभागों का दायित्व निभाया है, देश की जनता की वर्षों सेवा की है, उन्हें कभी पद व कुर्सी का मोह या लालच नहीं रहा है, वो तो मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) भी प्रदेश की जनता की सेवा करने के लिये ही आये है।

कुर्सी प्रेमी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

सलूजा ने आगे कहा कि दूसरी तरफ हमारे प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) है ,जिन्हें कुर्सी प्रेमी मुख्यमंत्री कहा जाता है , जिन्हें कुर्सी व पद से सदैव मोह रहता है , बग़ैर कुर्सी के वो कभी रह ही नहीं सकते है।कांग्रेस की सरकार को पाँच वर्ष के लिये जनादेश मिला था लेकिन शिवराज जी 15 माह भी कुर्सी से दूर नहीं रह पाए और सौदेबाजी व बोली से कांग्रेस की चुनी सरकार को गिरा दिया और वापस मुख्यमंत्री बन बैठे।

शिवराज आप जल्दी संन्यास ले लीजिए

शिवराज जी का तो आधे से ज्यादा समय अपने विरोधियों को व मुख्यमंत्री की कुर्सी पर निगाह रखने वाले भाजपा नेताओं को निपटाने में ही लगा रहता है।उमा भारती से लेकर कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya), गोपाल भार्गव ऐसे कई नाम उदाहरण के तौर पर मौजूद है लेकिन जिस प्रकार से बड़े दिल से कमलनाथ जी इस तरह की बातें कह देते हैं, क्या कभी शिवराज जी सार्वजनिक रूप से इस तरह की बात कह सकते हैं ?शायद जिस दिन शिवराज जी ऐसा कहेंगे तो प्रदेश की जनता जरूर ख़ुश होकर जोर से चिल्लाकर जवाब देगी कि शिवराज जी आप जल्दी सन्यास ले लीजिए , बहुत हो गया ,बहुत आपका कुर्सी प्रेम देख लिया।