मप्र में लंबे समय से काबिज पात्र आदिवासियों को मिलेंगे जमीन के पट्टे

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस संबंध में एसडीएम एवं तहसीलदार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर सभी पात्र आदिवासियों को भूमि के पट्टे दिलवाएं।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में लंबे समय से काबिज आदिवासियों (Tribal) को जमीन के पट्टे दिए जाएंगे। साथ ही गरीबों और आदिवासियों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह बात गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने उमरिया जिले (Umariya District) के किरनताल क्षेत्र के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान कही।

मुख्मयंत्री उमरिया के दौरे पर थे। उन्होंने किरनताल में औचक निरीक्षण किया और चैपाल भी लगाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी पात्र आदिवासी भाई-बहनों को उनकी लंबे समय से काबिज जमीन पर पट्टा दिलाया जाएगा। किरनताल क्षेत्र में 20 वर्ष पहले स्थानीय पटवारी ने छल-कपट कर भोले-भाले बैगा आदिवासी भाइयों को फर्जी पट्टे वितरित कर दिए थे, उनकी फर्जी बही बना दी थी पर सरकारी रिकार्ड में जमीन उनके नाम दर्ज नहीं की थी।

उन्होंने कहा कि इस मामले में न केवल सभी दोषी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, बल्कि सभी पात्र बैगा भाई-बहनों को वैधानिक कार्रवाई पूर्ण कर शीघ्र ही उनकी काबिज भूमि के पट्टे दिए जाएंगे। गरीबों और आदिवासियों के साथ अन्याय बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री को गांववासियों ने बताया कि वर्ष 1999-2000 में पटवारी ने आदिवासी 21 भाइयों से पैसे लेकर उनके फर्जी पट्टे बना दिए और भूमि रिकार्ड में दर्ज नहीं की। इस मामले में पटवारी जेल भी हो आया है। मुख्यमंत्री चौहान को बताया गया कि गांव में लगभग 75 ऐसे आदिवासी हैं जो कि लंबे समय से शासकीय भूमि पर काबिज हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस संबंध में एसडीएम एवं तहसीलदार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर सभी पात्र आदिवासियों को भूमि के पट्टे दिलवाएं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ग्राम में सोमवार को शासकीय शिविर लगाया जाए, जिसमें एक-एक आदिवासी की समस्या सुनी जाए व उसका निराकरण किया जाए। मध्यप्रदेश सरकार गरीबों, वंचितों, आदिवासियों की सरकार है हम इनके साथ अन्याय नहीं होने दे सकते। हर आदिवासी को उसका वाजिब हक दिलवाया जाएगा।