Lockdown में नौकरी गवां चुके कर्मचारियों को लेकर मोदी सरकार का बड़ा फैसला

सातवें वेतनमान

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट

देश में व्याप्त कोरोना महामारी(Corona Pandemic) के बीच एक तरफ जहां लोगों की आर्थिक स्थिति(Economic condition) चरमरा गई है। वहीं संकट की इस घड़ी में मोदी सरकार श्रमिकों का सहारा बनकर सामने आई है। श्रमिकों की आर्थिक योजनाओं को बल देने के लिए मोदी सरकार(Modi Government) ने बड़ा ऐलान किया है। मोदी सरकार श्रमिकों को 3 महीने की सैलरी का 50% हिस्सा बेरोजगारी भत्ता के रूप में देगी।

दरअसल श्रम मंत्रालय (Labour Ministry) ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि इस साल मार्च से लेकर दिसंबर के बीच कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों की नौकरी गई है तो सरकार ऐसे कर्मचारियों को बेरोजगारी भत्ता (Unemployment Benefit) देगी। श्रम मंत्रालय का कहना है कि अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत इस संक्रमण काल में नौकरी गंवा चुके कर्मचारियों इस भत्ते का लाभ उठा सकते हैं। वहीँ ईएसआईसी बोर्ड(ESIC Card) के सदस्य राधाकृष्ण का कहना है कि इससे करीब 35 लाख वर्कर्स को फायदा मिलेगा।

किसे मिलेगा लाभ

इस नई योजना का लाभ केवल उन्हें प्राप्त होगा जो (ESIC Scheme) के साथ कम से कम पिछले दो सालों से जुड़े हुए हैं। यानी की जिन लोगों के पास वर्कर्स एंप्लॉयी स्टेट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (ESIC) कार्ड है। वे सभी इस बेरोजगारी भत्ते के हकदार होंगे ऐसे कर्मचारियों को बेरोजगार होने पर तीन महीने तक भत्ता मिलता रहेगा। आपके द्वारा मौजूदा औसत सैलरी का 50 फीसदी क्लेम किया जा सकता है।

बता दे कि इस योजना के तहत जो वर्कर एक लिमिट(Limit) कमाते हैं उनके लिए ईएसआई द्वारा एक स्कीम तैयार की गई है। यानी कि जिस संस्थान में जैसे उसे ज्यादा वर्कर्स होंगे। वहां यह स्कीम लागू होगी। अगर वर्कर्स की सैलरी 21000 रूपए तक है। उन पर यह स्कीम लागू होती है। वही इस योजना के तहत करीब 13 करोड़ लोगों को कैश और मेडिकल बेनिफिट का लाभ दिया जाता है।

Lockdown में नौकरी गवां चुके कर्मचारियों को लेकर मोदी सरकार का बड़ा फैसला