भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मुरैना (Morena)में जहरीली शराब (Poisonous liquor) पीने से हुई 16 लोगों की मौत के बात प्रदेश में सियासत भी चरम पर है, हालाँकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (CM Shivraj Singh Chauhan) ने कड़े तेवर दिखाते हुए मुरैना कलेक्टर (Morena Collector) और एसपी (Morena SP) को हटा दिया है, पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच जारी है,लेकिन कांग्रेस (Congress)  अपने स्तर पर जाँच करेगी, पार्टी ने छह सदस्यीय समिति बनाई है ये समिति पीड़ित परिवारों से मिलकर रिपोर्ट बनाकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chief)को सौंपेगी।

मुरैना (Morena)में जहरीली शराब (Poisonous liquor) पीने के बाद मचे कोहराम ने पीड़ित परिवारों को पहाड़ जैसा दुःख दे दिया है।  ज्यादातर परिवार ऐसे हैं जिनको कमाकर खिलाने वाला सहारा ही चला गया है। इस घटना के बाद से कांग्रेस (Congress)  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan)और उनकी सरकार पर हमलावर है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ  ट्वीट कर मुख्यमंत्री पर हमला कर चुके हैं।  अब उन्होंने पार्टी की तरफ से भी एक जांच कमेटी बनाई है जो पूरे मामले की अपने स्तर पर छानबीन करेगी।  समिति में छह सदस्य हैं इनमें विधायक बैजनाथ कुशवाह, अजब सिंह कुशवाह, राकेश मावई, रविंद्र सिंह तोमर के अलावा किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुर्जर और मुरैना शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक शर्मा को शामिल किया है।  ये सभी लोग ग्वालियर चम्बल अंचल से भली भांति परिचित हैं।  कांग्रेस की कमेटी के सदस्य पीड़ित परिवारों से मिलेंगे  उनसे मामले की जानकारी लेंगे और पिरि रिपोर्ट बनाकर पीसीसी चीफ कमलनाथ को सौंपेंगे।  कांग्रेस का कहना है कि ये घटना सरकार की नाकामी है इसकी पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।

गौरतलब है कि मुरैना (Morena) में जहरीली शराब  (Poisonous liquor) पीने से हुई 16 मौतों को प्रदेश की शिवराज सरकार (Shivraj government ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए  मुरैना कलेक्टर (Morena Collector) और एसपी (Morena SP) को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।वही एसडीओपी (Morena SDOP) को भी निलंबित करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा मुरैना की घटना अमानवीय और तकलीफ पहुंचाने वाली है।मिलावट के विरुद्ध अभियान संचालित है,फिर भी घटना दुखद है। कलेक्टर और एसपी हटाने के निर्देश दिए है । पूरे मामले की जांच होगी, ऐसे मामलों में अगर कलेक्टर एसपी दोषी होंगे, एक्शन लिया जाएगा। मैं मूक दर्शक नहीं रह सकता। प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा आबकारी अमला पर्याप्त हो। रिक्त पद भरें,शराब व्यवसाय पर कड़ी निगरानी हो।