कलेक्टर हुए सख्त, लापरवाही पर रोका गया सुपरवाइजर का वेतन

इस संबंध में जिला कलेक्टर मनीष सिंह (manish singh) ने जिला परियोजना अधिकारी सीएल पासी को सख्त निर्देश दिए हैं।

इंदौर, डेस्क रिपोर्ट। नए साल से नए रूप में नजर आ रही शिवराज सरकार (shivraj government) ने कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारी कर्मचारियों पर तत्काल एक्शन (Action) की बात कही है। इसके बावजूद अधिकारी कर्मचारी कार्य में लापरवाही बरतने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला अब मध्यप्रदेश के इंदौर (indore) जिले से सामने आए हैं। जहां प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के सुपरवाइजर द्वारा कार्य में लापरवाही बरतने पर उनका वेतन रोका गया है।

दरअसल प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत जिन सुपरवाइजर (supervisior) की प्रगति कम है। उनका वेतन रोका गया है। जिनमें हर्षा जेठवा, वर्षा बघेल, अनीता मंसूरी और राधा यादव शामिल है।इतना ही नहीं वेतन रोके जाने के साथ ही साथ लापरवाह सुपरवाइजर के क्षेत्र भी बदले जाएंगे। इस संबंध में जिला कलेक्टर मनीष सिंह (manish singh) ने जिला परियोजना अधिकारी सीएल पासी को सख्त निर्देश दिए हैं।

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बता दें कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को तय समय सीमा के अंदर लक्ष्य हासिल करना बड़ी जिम्मेदारी होती है। बावजूद इसके सुपरवाइजर की गलती से कर्मचारियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। जिसके बाद इस संबंध में कलेक्टर मनीष सिंह ने जिला परियोजना अधिकारी को निर्देश दिए हैं। कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा है कि जो सुपरवाइजर अपने कार्य के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं। उनका वेतन रोका जाए और इसके साथ ही साथ लक्ष्य प्राप्ति ना होने पर उन्हें इंदौर से हटाकर ग्रामीण परियोजना में चंद्रावतीगंज भेजने के निर्देश भी दिए हैं।

गौरतलब हो कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बड़ा गर्भवती हुई महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया जाता है। जिसके बाद सरकार द्वारा एक महिला को 5000 रुपए की सहायता देने की योजना शुरू की गई थी। इस राशि से महिलाएं अपने गर्भकाल के दौरान जरूरी खर्चे पूरे करती है।