‘वन नेशन-वन राशन कार्ड’ आज से देशभर में लागू, ऐसे मिलेगा योजना का लाभ

नई दिल्ली।
कोरोना संकटकाल और लॉकडाउन 5.0 के बीच आज सोमवार यानी एक जून की तारीख काफी अहम है। आज से देश के 20 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ की व्यवस्था लागू हो गई है।इस योजना के लागू होने के बाद अब कोई भी राशनकार्ड धारक किसी भी एक राज्य के राशन कार्ड का इस्तेमाल कर दूसरे राज्य से अपने हिस्से का राशन ले सकेगा।

इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को अपना पुराना राशन कार्ड सरेंडर करने की भी जरूरत नहीं है। इसके अलावा अन्य किसी राज्य में जाने पर वहां का राशनकार्ड भी नहीं बनवाना पड़ेगा। इस स्कीम से अभी 67 करोड़ लोगों को फायदा मिलेगा।राशनकार्ड धारक देश के किसी भी हिस्से की सरकारी राशन दुकान से कम कीमत पर अनाज खरीद सकेंगे।

वित्तमंत्री ने दिया था संकेत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल में 20 लाख करोड़ रुपये का राहत पैकेज घोषित करते समय इस बात का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि मार्च, 2021 तक देश के सभी राज्यों में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।वित्त मंत्री ने कहा था कि जिनके पास राशन कार्ड या कोई कार्ड नहीं है, उन्हें भी राशन की मदद दी जाएगी। 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को इसका फायदा होगा। इसमें 3500 करोड़ रुपए का खर्च होगा। राज्य सरकारों के जरिए इसे कारगर बनाया जाएगा। अगले दो महीने तक यह प्रक्रिया लागू रहेगी।

वर्तमान में क्या है नियम?
राशन कार्ड का वर्तमान नियम यह है कि आपका राशन कार्ड जिस जिले का बना है, उसी जिले में राशन मिल सकता है। जिला बदलने पर भी इसका फायदा नहीं मिल पाता है। कोरोना संकट के समय में गरीबों तक राहत पहुंचाना इस नियम के कारण बड़ी चुनौती थी। इसलिए सरकार ने कहा कि राशन कार्ड नहीं होने पर भी उसका फायदा फिलहाल मिलेगा।

पिछले साल शुरू हुई थी योजना
योजना की शुरुआत पिछले साल 9 अगस्त से हुई थी। सबसे पहले चार राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना शामिल थे। उस समय योजना को राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी का नाम दिया गया था। इसके बाद इसे ही सरकार इन्हे अन्य राज्यों में लागू करने की योजना पर काम कर रही थी।

इन राज्यों में अभी नहीं मिलेगा योजना का लाभ
फिलहाल पश्चिम बंगाल, दिल्ली, तमिलनाडु , असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, जम्मू कश्मीर, लद्दाख, चंडीगढ़, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप और छत्तीसगढ़ में इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। खाद्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक़ इन राज्यों को योजना लागू करने के लिए ज़रूरी क़दम जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया है। ताकि ये योजना पूरे देश में लागू हो सके।