इन 6 बैंकों ने ग्राहकों को दिया न्यू ईयर गिफ्ट, बढ़ा दिया FD पर ब्याज, अब मिल रहा पहले से ज्यादा रिटर्न, देखें लिस्ट

Post Office Scheme

Bank FD Rates: यदि आपने अपने न्यू ईयर रिजॉल्यूशन में मनी सेविंग्स को शामिल किया है, तो फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) बचत के लिए अच्छा ऑप्शन बन सकता है। कई बैंकों ने नए साल से पहले एफडी के इन्टरेस्ट रेट में इजाफा कर दिया है। इस लिस्ट में सरकारी और प्राइवेट बैंक दोनों शामिल हैं। आइए जानें किन-किन बैंकों ने दिसंबर महीने मे एफडी के दरों में वृद्धि की है-

देश का सबसे सरकारी बैंक लिस्ट में शामिल

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने एफडी के ब्याज दरों में 50 बीपीएस का इजाफा किया है। एसबीआई 7 दिनों से 10 साल के एफडी पर 3.5% से लेकर 7% तक ब्याज ऑफर कर रहा है।

इन सरकारी बैंकों ने भी बढ़ाया ब्याज

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों में बदलाव कर दिया है। 2 करोड़ से कम के एफडी पर ब्याज बढ़ाया है। नई दरें इसी हफ्ते से प्रभावी हो चुकी हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा 7 दिन से 10 साल के एफडी पर सामान्य नागरिकों को 4.25% से लेकर 7.25% ब्याज ऑफर कर रहा है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए अधिकतम दरें 7.75% हैं। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 7 दिन से 10 साल के डिपॉजिट पर 3% से लेकर 7.25% ब्याज सामान्य नागरिकों को दे रहा है।

इन बैंकों ने भी बढ़ाया ब्याज

कोटक महिंद्रा बैंक, फेडरल बैंक और डीसीबी बैंक ऑफ इंडिया नें फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज बढ़ा दिया है। प्राइवेट सेक्टर का कोटक महिंद्रा बैंक 7 दिन से 10 साल के एफडी पर सामान्य नागरिकों को 2.75% से लेकर 7.25% ब्याज ऑफर कर रहा है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए दरें 3.35% से लेकर 7.80% है।

फेडरल बैंक 500 दिनों के एफडी पर सामान्य नागरिकों को अधिकतम 7.50% ब्याज दे रहा है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों को 8.15% ब्याज मिल रहा है। वहीं डीसीबी बैंक सामान्य नागरिकों को अधिकतम 8% ब्याज ऑफर कर रहा है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए मैक्सिमम ब्याज दर 8.60% है।


About Author
Manisha Kumari Pandey

Manisha Kumari Pandey

पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।"

Other Latest News