भारत का पहला AI स्टार्टअप ‘कृत्रिम’ बना यूनिकॉर्न, फाउंडर भाविश अग्रवाल ने डेटा सेंटर और सुपर-कंप्यूटर बनाए जाने पर भी दी जानकारी

ओला-इलेक्ट्रिक के संस्थापक भाविश अग्रवाल की नई कंपनी 'कृत्रिम' ने भारतीय उद्यमियों के लिए एक ऊंचाई हांसिल की है। 'कृत्रिम' को भारत का पहला यूनिकॉर्न बनने का गर्व हासिल हुआ है। जानकारी के मुताबिक भारत का पहला AI स्टार्टअप बनने वाला 'कृत्रिम' का मूल्यांकन अब 1 बिलियन डॉलर यानी लगभग ₹11,636 करोड़ हो गया है।

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India’s first AI startup: ओला-इलेक्ट्रिक के संस्थापक भाविश अग्रवाल का नया प्रोजेक्ट ‘कृत्रिम’ ने इतिहास रच दिया है और भारत को उच्चतम मूल्यांकन वाले AI स्टार्टअप्स में से एक बनने का श्रेय दिलाया है। जानकारी के अनुसार अब इस कंपनी की वैल्यूएशन ने 1 बिलियन डॉलर को छूने का रिकॉर्ड बनाया है, जिससे भाविश अग्रवाल को विश्वस्तरीय उद्यमी के रूप में पहचान बनाने का मौका मिला है।

सर्वर और सुपर-कंप्यूटर बनाने का प्रयास:

भाविश अग्रवाल के अनुसार, भविष्य में ‘कृत्रिम’ एक AI ईकोसिस्टम की रचना के लिए सर्वर और सुपर-कंप्यूटर बनाने का प्रयास करेगी। इसके साथ ही, लार्ज-लैंग्वेज-मॉडल पर आधारित ‘कृत्रिम’ के लिए डेटा सेंटर भी डेवलप किया जा रहा है। भाविश अग्रवाल ने यह घोषणा की कि कंपनी ने अपने AI सिस्टम को और भी मजबूत बनाने के लिए कठिनाईयों का सामना करने का संकल्प किया है और भारत को खुद का AI सिस्टम देने का सोचा है।

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मैंने श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय इंदौर से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। मैं पत्रकारिता में आने वाले समय में अच्छे प्रदर्शन और कार्य अनुभव की आशा कर रहा हूं। मैंने अपने जीवन में काम करते हुए देश के निचले स्तर को गहराई से जाना है। जिसके चलते मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार बनने की इच्छा रखता हूं।