Pension Plan: बुढ़ापे में होगी मौज, टेंशन की होगी छुट्टी, ये 3 म्यूचुअल फंड पेंशन प्लान आएंगे काम, देखें लिस्ट

pension plan

Pension Plan: रिटायरमेंट प्लानिंग के दौरान लोगों के मन में कई योजनाओं के नाम आते हैं, लेकिन इसमें म्यूचुअल फंड की चर्चा बहुत कम होती है। Mutual Fund को निवेश का बेहतर विकल्प माना जाता है, इसमें रिटर्न भी तगड़ा मीलट है। लेकिन अन्य पेंशन स्कीम के तुलना में इसमें वित्तीय जोखिम भी ज्यादा होता है। बेहद कम लोग ही म्यूचुअल फंड पेंशन प्लान में निवेश करते हैं। इसमें बुढापें में एक निश्चित इनकम की सुविधा मिलती है। निवेशकों को एकमुश्त पैसे इन्वेस्ट करने होते हैं। रिटायमेंट के बाद निवेशक नियमित आय के लिए मासिक, त्रैमासिक, वार्षिक इत्यादि के आधार पर अपनी धनराशि निकाल सकते हैं। निकासी के बाद शेष इकाइयां निवेशित रहती हैं  और बढ़ती रहती हैं। ऐसे ही कुछ म्यूचुअल फंड पेंशन प्लान के बारे में यहाँ बताया गया है-

टाटा रिटायरमेंट सेविंग फंड

इसे निवेश के लिए बेहतरीन फंड माना जाता है। 1 साल में 12.72%, 3 साल में 16.79%, 5 साल में 10.79%, 7 साल में 12.73% और 10 साल में 16.03% रिटर्न मिलता है। यह रिटायरमेंट के बाद निवेशकों को अपने जरूरतों को पूरा करने के लिए एक नियमित इनकम प्रदान करता है।

यूटीआई रिटायरमेंट बेनेफिट्स पेंशन फंड

यह भी भी रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए सही विकल्प बन सकता है। यह स्कीम काफी पुराना है, जिसे वर्ष 1994 में लॉन्च कीयस गया था। एक साल के भीतर निकासी करने पर 5% एक्जिट लोड वसूला जाता है। एक से टीनन साल के भीतर निकासी करने पर 3% Exit Load लगता है। वहीं रिटायरमेंट तक निकासी करने पर एक्जिट लोड कम हो जाता है।

एचडीएफसी रिटायरमेंट सेविंग फंड -हाइब्रिड इक्विटी

आप रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए इस फंड का चयन भी कर सकते हैं। न्यूनतम निवेश राशि 100 रुपये है। एक साल में 19.94%, 3 साल में 22.96%, 5 साल में 14.94%, और 7 साल में 14.98% रिटर्न मिलता है।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल समान्य जानकारी साझा करना है। MP Breaking News किसी भी म्यूचुअल फंड या स्कीम में निवेश की सलाह नहीं देता।)

 

 

 


About Author
Manisha Kumari Pandey

Manisha Kumari Pandey

पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।"

Other Latest News