आरबीआई की बड़ी कार्रवाई, इन 2 बैंकों का लाइसेंस रद्द, लेनदेन की अनुमति नहीं, ग्राहकों पर भी पड़ेगा असर, पढ़ें पूरी खबर

rbi action

RBI Action: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 29 दिसंबर को दो बैंकों का लाइसेंस (Bank License Cancelled) कर दिया है। इस संबंध में आरबीआई ने आदेश भी जारी कर दिया है। बैंकों को तत्काल प्रभाव से बैंकिंग कारोबार बंद करना होगा। इन बैंकों के नाम द बोटाद पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड और आदर्श महिला नागरी सहकारी बैंक लिमिटेड मर्यादित हैं। केन्द्रीय बैंक ने द बोटाद पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड को नॉन-बैंकिंग संस्थान के रूप में कारोबार चालू रखने की अनुमति प्रदान की है।

आदर्श महिला नागरी सहकारी बैंक लिमिटेड हुआ बंद

आरबीआई ने आदर्श महिला नागरी सहकारी बैंक लिमिटेड (औरंगाबाद, गुजरात) को शुक्रवार से बैंकिंग कारोबार बंद करने का आदेश जारी किया है। बैंक को लोन प्रदान करने और जमा स्वीकार करने की अनुमति नहीं होगी। रिजर्व बैंक ने कहा, “बैंक अपनी वर्तमान वित्तीय स्थिति के साथ जमाकर्ताओं को पूरा भुगतान करने में असमर्थ है। यदि इसे व्यवसाय जारी रखने की अनुमति प्रदान की जाती है तो सार्वजनिक हित पर इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा।” डीआईसीजीसी के नियमों के अनुसार प्रत्येक ग्राहक 5 लाख रुपये तक की जमा राशि को क्लेम कर सकते हैं। आंकड़ों के अनुसार 99.77% जमाकर्ता पूरी राशि प्राप्त करने के हकदार हैं।

नॉन-बैंकिंग संस्थान के रूप में काम करेगा यह बैंक

गुजरात में स्थित द बोटाद पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड को आरबीआई ने 17 फरवरी 1998 को लाइसेन्स प्रदान किया था, जिसे आज रद्द कर दिया है। हालांकि इस बैंक को नॉन-बैंकिंग संस्थान के रूप में कार्य करने की अनुमति है। गैर सदस्यों से जमा राशि स्वीकार करने की अनुमति नहीं है। गैर-बैंकिंग संस्थान के रूप में अधिसूचित होने के बाद भी इसे आरबीआई के मांग पर गैर-सदस्यों की अवैतनिक और दावा न की गई जमा राशि को चुकाना सुनिश्चित करना होगा।


About Author
Manisha Kumari Pandey

Manisha Kumari Pandey

पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।"

Other Latest News