CBSE ने किया वर्चुअल वर्कशॉप का ऐलान, छात्र, शिक्षक और अभिभावक ले सकते हैं भाग, 3 जुलाई से होगी शुरुआत, जानें डिटेल 

सीबीएसई ने वर्चुअल वर्कशॉप को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया है। कार्यशाला की शुरूआत 3 जुलाई से होगी। इसमें छात्र ही नहीं बल्कि शिक्षक, स्कूल लीडर्स और अन्य हितधारक भाग ले सकते हैं।

Manisha Kumari Pandey
Published on -
cbse news

CBSE Virtual Workshop: केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड छात्रों, अभिभावकों, प्रिंसिपल और काउन्सलर के लिए खास वर्कशॉप का आयोजन करने जा रहा है। जिसका मुख्य उद्देश्य मनोसामाजिक परामर्श के क्षेत्र में स्कूल नेताओं, शिक्षकों और परामर्शदाताओं के व्यवसायिक विकास को सुनिश्चित करने करना और करियर को लेकर निर्णय लेने की प्रक्रिया में छात्रों और अभिभावकों को सुविधा प्रदान करने करना है। इस वर्चुअल वर्कशॉप का आयोजन जुलाई में किया जाएगा। जिसकी शुरुआत 3 जुलाई को होगी और समापन 29 जुलाई को होगा।

 सीबीएसई ने जारी किया नोटिफिकेशन

हर हफ्ते की अलग हितधारकों पर ध्यान केंद्रित करते हुए विशेष रूप से प्रतिभागियों को करियर सलाह और निर्णय लेने की प्रक्रिया के लिए समग्र दृष्टिकोण प्रदान करने के लिए डिजाइन की गई पांच आभासी कार्यशालाओं का आयोजन होगा। इस संबंध में सीबीएसई ने नोटिफिकेशन भी जारी किया है। जिसमें रजिस्ट्रेशन और वेबीनार का लिंक भी दिया गया है। प्रोग्राम का समय दोपहर 3 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक होगा। हर दिन एक अलग टॉपिक पर कार्यशाला का आयोजन होगा। 

वर्कशॉप का टाइम टेबल

3 जुलाई को स्कूल लीडर या प्रिंसिपल के लिए वर्कशॉप होगा। 10 जुलाई को शिक्षकों के लिए, 18 जुलाई को काउंसलर के लिए और 24 जुलाई को अभिभावकों के लिए कार्यशाला होगी।  अंतिम दिन यानी 29 जुलाई को छात्रों के लिए वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा। छात्रों को रजिस्ट्रेशन करने की कोई जरूरत नहीं होगी। वे नोटिफिकेशन में दिए गए यूट्यूब के लिंक पर जाकर इसमें हिस्सा ले सकते हैं।

छात्रों के लिए वर्कशॉप का टॉपिक और स्पीकर्स के नाम

वर्कशॉप के स्पीकर डॉक्टर संयम  भारद्वाज (सीबीएसई  कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन) और कार्तिक कृष्णान ( प्रेसिडेंट पर्पल पैच न्यू यॉर्क) होंगे। टॉपिक “From Insight To Impact- Self Reflection Strategies For CBSE Student Career Planning” होगा।

फ़ीडबैक देने पर मिलेगा सर्टिफिकेट 

 


About Author
Manisha Kumari Pandey

Manisha Kumari Pandey

पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।"

Other Latest News