Scholarship Scheme: केंद्र सरकार की खास स्कीम, छात्रों को मिलेगी 1.25 लाख की छात्रवृत्ति, ऐसे उठायें लाभ

पीएम यशस्वी स्कॉलरशिप स्कीम के तहत 9वीं से 12वीं के छात्रों को केंद्र सरकार स्कॉलरशिप प्रदान करती है। इसका लाभ आर्थिक रूप से कमजोर छात्र उठा सकते हैं।

scholarship scheme

PM Yashasvi Scholarship Scheme: कई ऐसे छात्र होते हैं जो पढ़ाई में अच्छे तो होते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण बेहतर और मनचाही उच्च शिक्षा प्राप्त करने में असमर्थ है। पिछले वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के छात्रों के लिए सरकार केंद्र बेहद ही खास स्कीम चला रही है। जिसका नाम “पीएम यशस्वी स्कॉलरशिप स्कीम” है।

योजना का उद्देश्य

इस योजना के तहत केंद्र सरकार गरीब और निम्न वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है। पीएम यशस्वी स्कॉलरशिप स्कीम का मुख्य उद्देश्य गरीब और पिछले वर्ष के वर्ग के परिवार के विद्यार्थियों को हायर एजुकेशन के लिए प्रोत्साहित करना है। ताकि उनकी पढ़ाई अच्छे से पूरी हो सके और वे अपने भविष्य को सुनहरा बना सकें। 

इतनी मिलेगी स्कॉलरशिप

इस स्कॉलरशिप स्कीम के तहत केंद्र सरकार 9वीं से दसवीं के छात्र-छात्राओं को 75,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है। वहीं 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को 1.25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता सरकार द्वारा दी जाती है।

कौन उठा सकता है लाभ?

आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपए से कम होनी चाहिए। मेरिट लिस्ट 8वीं और 10वीं में प्राप्त अंकों के आधार पर बनती है। इसका लाभ ओबीसी, ईबीसी और DNT कैटेगरी के छात्रों को ही मिलता है। 10वीं में 60% अंक होना चाहिए। स्कीम से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी के लिए ऑफिशियल वेबसाइट https://yet.nta.ac.in/ विजिट कर सकते हैं।

कैसे उठायें लाभ?

योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। इस लिस्ट में आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, मार्कशीट, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर शामिल है। स्कीम का लाभ उठाने के लिए योग्य छात्र ऑफिशियल वेबसाइट https://scholarships.gov.in/ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

 


About Author
Manisha Kumari Pandey

Manisha Kumari Pandey

पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है।अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।"