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युवाओं ने बनाया 300 वॉलिंटियर्स का ग्रुप, तीन राज्यों में कर रहे कोरोना पीड़ितों को मदद

Written by:Atul Saxena
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ग्वालियर, अतुल सक्सेना। कोरोना महामारी में युवाओं ने भी मदद का बीड़ा उठाया हुआ है, 300 वालियंटर्स का एक ग्रुप मध्यप्रदेश MP) के अलावा दिल्ली (Delhi) और उत्तरप्रदेश (UP) के कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन, इंजेक्शन, प्लाज़्मा, एम्बुलेंस, अस्पताल में पलंग सब उपलब्ध करा रहे हैं और ये सब हो रहा है एक व्हाट्स एप ग्रुप के माध्यम से।

कोरोना महामारी में लोगों की जरुरत का ध्यान रखते हुए विद्यादान फाउंडेशन (Vidyadan Foundation) के संस्थापक एडवोकेट राकेश सिंह भदौरिया और एडवोकेट मानवर्द्धन सिंह तोमर ने पिछले साल की तरह इस साल भी मदद का संकल्प लिया।  इस बार संस्था ने मध्यप्रदेश (MP) के अलावा अपने संपर्कों का इस्तेमाल करते हुए उत्तरप्रदेश (UP) और दिल्ली (Delhi) में भी मदद का संकल्प किया।

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एडवोकेट मानवर्द्धन सिंह तोमर के मुताबिक संस्था के लोगों ने इसके लिए एक व्हाट्स एप ग्रुप बनाया  और अपने संपर्कों वाले लोग जोड़कर जहाँ से भी कोरोना मरीज के परिजन ने मदद मांगी गया वहां मदद पहुंचना शुरू कर दी। विद्यादान फाउंडेशन संस्था मरीजों के लिए अस्पताल में पलंग, ऑक्सीजन, प्लाज्मा, रेमडेसिवीर इंजेक्शन, दवाइयां आदि जो भी मरीज को जरुरत पड़ी वो उपलब्ध कराव रही है।  एक अंदाजे के मुताबिक संस्था के सदस्य अब तक करीब 1000 लोगों की मदद कर चुके हैं।

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मानवर्द्धन सिंह तोमर के मुताबिक वे और संस्था के कोर टीम के सदस्य एडवोकेट हर्षदीप, ऋषभ यादव, उत्कर्ष शर्मा , काव्य गोयल, प्राची शिखा और अन्य सदस्य मिलकर जरूरतमंद कोरोना पीड़ित के लिए व्यवस्था करते  संपर्कों के माध्यम से मरीज तक पहुंचाते है। उनका कहना है कि हम कोरोना मरीजों को मदद कर कोई बड़ा काम नहीं कर रहे बस देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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