MP में पूरे हुए वैक्सीन के 9 करोड़ डोज, सीएम शिवराज ने कही ये बड़ी बात

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की जनता से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।  मध्यप्रदेश में कोरोना वैक्सीन के 9 करोड़ से ज्यादा डोज़ पूरे होने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan)  ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने इस काम में सक्रियता से जुटे समाज-सेवियों, स्वयं-सेवी संस्थाओं, क्राइसिस मैनेजमेंट समिति के सदस्य, स्वास्थ्यकर्मियों और जन-प्रतिनिधियों का आभार माना है। सीएम शिवराज ने कहा है कि कोरोना के नए वैरिएंट और तीसरी लहर को प्रदेश में आने से रोकने के लिए टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने अपील की है कि जिन्होंने अब तक टीके का पहला या दूसरा डोज़ नहीं लगवाया है, वे पात्र नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए टीकाकरण (Vaccination) कराएं और आने वाले संभावित संकट को टालने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हर संकट में हम सब का बेहतरीन नेतृत्व किया है। उन्होंने सीधे जनता के बीच क्या-क्या सावधानी रखना चाहिए, ये मैसेज दिया है।

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सीएम शिवराज ने कहा है कि भोपाल, इंदौर सहित प्रदेश के कई जिलों में लगातार पॉजिटिव केस आ रहे हैं। पिछले दिनों इनकी संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। यह हमें आगाह करने के लिए काफी है। जितने भी लक्षण दिखाई दे रहे हैं वो आने वाले संकट की आहट के प्रतीक हैं। जरूरी है कि हम प्राण-प्रण से पूरी सावधानी रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी को वैक्सीन का दूसरा डोज़ लगवाना जरूरी है, ये हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पुख्ता रखें, कोरोना की तीसरी लहर न आने दें, ये चुनौती है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जन-प्रतिनिधि और क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य नागरिकों को बतायें कि फेस मास्क जरूरी है और घर-घर दस्तक देकर वेक्सीन का दूसरा डोज लगवाने के लिए प्रेरित करें।

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोरोना संक्रमण के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का सामना जन-भागीदारी मॉडल के आधार पर किया जाए। प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट, वेंटीलेटर की उपलब्धता तथा अन्य सभी आपातकालीन आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध हैं। हमारा प्रयास होगा कि इनकी आवश्यकता ही न पड़े। वर्तमान में मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य सावधानियों का कड़ाई से पालन करने के लिए वातावरण निर्माण की प्रक्रिया को गति दी जा रही है।