भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। बीते दिनों मोदी केबिनेट का विस्तार (Modi Cabinet Expansion) किया गया था। इस दौरान केंद्रीय कैबिनेट में बड़ा फेरबदल देखने को मिला था। अब इस पर ADR ने एक रिपोर्ट जारी की है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (Association for Democratic Reforms) पोल राइट्स ग्रुप (pole rights group) द्वारा प्रकाशित एक नई ADR Report से पता चला है कि इस सप्ताह के शुरू में हुए बड़े फेरबदल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के केंद्रीय मंत्रिमंडल में 78 मंत्रियों में से कम से कम 42% ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन मंत्रियों में से चार पर हत्या के प्रयास से जुड़े मामले हैं।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुधवार को कुल 15 मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किया गया, जबकि 28 सांसदों को केंद्रीय राज्य मंत्री का पद दिया गया। इस प्रकार प्रधान मंत्री की मंत्रिपरिषद में सदस्यों की कुल संख्या अब 78 हो गई है। अपने विस्तार के बाद 17वीं लोकसभा में केंद्रीय मंत्रिपरिषद के अपने विश्लेषण में ADR ने नए मंत्रिमंडल में 33 मंत्रियों के चुनावी हलफनामों का हवाला देते हुए उनके खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इनमें से 24 मंत्रियों, कुल सदस्यों की संख्या का 31% है, ने अपने खिलाफ ‘गंभीर’ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। जिनमें हत्या, हत्या के प्रयास या डकैती के मामले शामिल हैं।

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इसके अलावा नए केंद्रीय मंत्रिमंडल के लगभग 90% सदस्य यानी 70 मंत्री करोड़पति हैं। यानी उन्होंने कुल संपत्ति 10 मिलियन एक करोड़ रूपए से अधिक की घोषणा की है। ADR रिपोर्ट में बताया गया है चार मंत्रियों, ज्योतिरादित्य सिंधिया 379 करोड़ रूपए से अधिक, पीयूष गोयल 95 करोड़ रूपए से अधिक, नारायण राणे 87 करोड़ रूपए से अधिक, और राजीव चंद्रशेखर 64 करोड़ रूपए से अधिक को ‘उच्च संपत्ति मंत्री’ के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

ADR एक चुनाव अधिकार समूह है जो अक्सर चुनावों से पहले रिपोर्ट प्रकाशित करता है। राजनेताओं के आपराधिक, वित्तीय और अन्य पृष्ठभूमि विवरणों का पता लगाने के लिए हलफनामों का मिलान करता है।