गुरुपूर्णिमा 2021: गंगा जी में आस्था की डुबकी पर लगी पाबंदी, दर्शन के लिये दिखानी होगी निगेटिव कोविड रिपोर्ट

कोरोना संकट को देखते हुए इस बार हरिद्वार में गुरुपूर्णिमा स्नान सांकेतिक होगा। इस बार श्री गंगा सभा और तीर्थ पुरोहित ही कांकेतिक रूप से पूजन कर सकेंगे।

हरिद्वार, डेस्क रिपोर्ट। देशभर में शनिवार यानी 24 जुलाई 2021 को गुरुपूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। सनातन धर्म में गुरु पूर्णिमा का बड़ा उत्सव है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह के शुक्ल पक्ष की 15वीं तिथि को पूर्णिमा होती है। वहीं आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा (Ashadh Guru Purnima) होती है जिस दिन गुरु की पूजा का विशेष महत्व है। इसी दिन गुरु पूजन के साथ गंगा जी स्नान- ध्यान का महत्त्व होता है। लेकिन कोरोना संकट को देखते हुए इस बार हरिद्वार में गुरुपूर्णिमा स्नान सांकेतिक होगा। इस बार श्री गंगा सभा और तीर्थ पुरोहित ही कांकेतिक रूप से पूजन कर सकेंगे।

गुरुपूर्णिमा 2021: गंगा जी में आस्था की डुबकी पर लगी पाबंदी, दर्शन के लिये दिखानी होगी निगेटिव कोविड रिपोर्ट

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कोरोना संकट को देखते हुए गंगा जी में स्नान करने पर रोक लगा दी गई है। हांलाकी 72 घंटे पूर्व आरटीपीसीआर (RTPCR) निगेटिव रिपोर्ट लाने पर गुरुओं के दर्शन कर आशीर्वाद लेने की अनुमति दी गई है। वर्तमान कोरोना परिस्थितियों को देखते हुए हर की पौड़ी समेत सभी घाटों पर पुलिस की कड़ी सुरक्षा के इंचजाम किये गये हैं। इस बार कांवड़ मेला भी स्थगित कर दिया गया है। हरिद्वार जिले की बॉर्डर पे पुसिल की सख्ती बढ़ा दी गई है। गुरुपूर्णिमा के अवसर पर लोग देश के अलग- अलग कोनो से हरिद्वार आते हैं लेकिन इसबार कोरोना के खतरे को देखते हुए श्रद्धालुओं को 72 घंटे पूर्व की कोविड निगेटिव रिपोर्ट दिखाने पर ही हरिद्वार में एंट्री मिलेगी।

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गुरु पूर्णिमा का महत्तव

आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा होती है जिस दिन गुरु की पूजा का विशेष महत्व है। पुराणों के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु का वास जल में होता है, जिसकी वजह से पूर्णिमा के दिन नदी में स्नान, दान और भगवान विष्णु और शिव-पार्वती की पूजा का विशेष महत्व है। आषाढ़ पूर्णिमा का व्रत रखने के साथ ही भक्त भगवान विष्णु की अराधना करते हैं और प्रभु का स्मरण व कथा पाठ किया जाता है। हिंदू धर्म में गुरु की महिमा बताते हुए कहा गया है कि गुरु का स्थान भगवान से ऊंचा होता है। हिंदू धर्म में पूर्णिमा का विशेष स्थान होता है लेकिन आषाढ़ मास की पूर्णिमा का सर्वोच्च स्थान है। आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima) का पर्व मनाया जाता है। इस साल गुरु पूर्णिमा का पर्व 24 जुलाई 2021 मनाया जाएगा.