IMD Alert : तापमान में गिरावट, 18 मार्च तक 15 राज्यों में बारिश का अलर्ट, उत्तर पूर्व के राज्य में हीटवेव की चेतावनी

जम्मू संभाग, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तर पश्चिमी राजस्थान और झारखंड में अलग-अलग इलाकों में लू और गर्म हवा के थपेड़े जारी रहेंगे।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। देशभर के कई राज्य में मौसम में बदलाव (Today weather) देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ-मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बूंदाबादी देखने को मिली है। इसके साथ ही आईएमडी अलर्ट (IMD Alert) ने उत्तर मध्य भारत में तापमान में गिरावट की बात कही है। आईएमडी अलर्ट की माने तो 15 राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके अलावा 6 राज्य में तापमान में कमी देखने को मिल सकती है। हालांकि उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड में हिटवेव का अलर्ट जारी किया गया है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने के कारण अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट और 15 April के बाद उत्तर पूर्व भारत के अधिकांश हिस्सों में 2-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि की भविष्यवाणी की है। राजधानी दिल्ली में आज मौसम बदल जाएगा धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। वहीं कर्नाटक जम्मू-कश्मीर आदि में भी बारिश के दौर शुरू होंगे।

राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान 22 जबकि अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा राजधानी पटना में न्यूनतम तापमान 23 डिग्री जबकि अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। राजधानी लखनऊ की बात करें तो न्यूनतम तापमान 24 डिग्री जबकि अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक रहने की आशंका है। मौसम साफ रहेगा। तेज धूप खिली रहेगी। धूल भरी आंधी चल सकती है। इसके अलावा रांची में भी तापमान में वृद्धि देखी जा सकती है 2 फीसद की वृद्धि की संभावना जाहिर की गई है। जहां न्यूनतम तापमान 25 डिग्री व अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहने की आशंका जताई गई है। हालांकि लेह लद्दाख में न्यूनतम तापमान में कमी देखी जाएगी।

Read More : पुलिस की कार्रवाई, 4 सटोरियों को IPL सट्टा लगाते दबोचा, 24 लाख रुपए सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त

इसके अलावा पर्वतीय राज्य में भी तापमान में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है। मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ में भी तापमान में दो से 3 फीसद की गिरावट की संभावना है। छत्तीसगढ़ में बीते दिनों बारिश से मौसम में ठंडक घुली हुई है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है।

IMD Alert ने गुरुवार को पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 और 17 अप्रैल को, बिहार में 14 अप्रैल को, झारखंड में 15 अप्रैल तक, पश्चिमी राजस्थान में 15 से 17 अप्रैल के दौरान, गुजरात में 15 और 16 अप्रैल को, हरियाणा-दिल्ली में अलग-अलग इलाकों में लू की स्थिति की भविष्यवाणी की है। पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और पश्चिम मध्य प्रदेश में 16 और 17 अप्रैल को और पंजाब में 17 अप्रैल को हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 18 अप्रैल तक भारत के कई दक्षिणी राज्यों में बारिश होने की उम्मीद है। मौसम विभाग की हालिया मौसम रिपोर्ट के अनुसार, अगले तीन दिनों के दौरान आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और पुडुचेरी जैसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश होने की संभावना है।

Read More: 14 अप्रैल 2022 डॉ. अंबेडकर जयंती पर विशेष : सामाजिक क्रांति के महानायक डॉ. अम्बेडकर

IMD के एक ट्वीट के अनुसार, केरल-माहे पर गरज / बिजली के साथ हल्की/ व्यापक वर्षा और तमिलनाडु-पुदुचेरी-कराइकल, लक्षद्वीप क्षेत्र, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग / बिखरी हुई वर्षा की संभावना है। अगले दो दिनों के दौरान मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना नहीं है और उसके बाद लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी।

गुजरात में, अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है, जबकि देश के बाकी हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं हो सकता है। ओडिशा के झारसीगुडा में बुधवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पिछले 24 के दौरान राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान में लगभग 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।

जिसके कारण इन क्षेत्रों से गर्मी की लहर की स्थिति कम हो गई है। इसके अलावा, पश्चिमी विक्षोभ के कारण 15 अप्रैल से भारत के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में हीटवेव कम होने की संभावना है। अगले पांच दिनों तक मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में बूंदाबादी की संभावना जताई गई है।

उत्तर-पूर्वी राज्यों में वर्षा

IMD की माने तो 15 अप्रैल से अगले 4 दिनों में, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम, असम, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा और नागालैंड में बिजली और गरज के साथ काफी व्यापक और हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है।

Read More : Mandi bhav: 14 अप्रैल 2022 के Today’s Mandi Bhav के लिए पढ़े सबसे विश्वसनीय खबर

बारिश बंगाल की खाड़ी से उत्तर-पूर्वी राज्यों में निचले क्षोभमंडल स्तरों पर आने वाली तेज दक्षिण-पश्चिमी हवा के झोंकों के साथ-साथ पश्चिम असम और आसपास के क्षेत्र में निचले क्षोभमंडल स्तरों पर एक ट्रफ अपड्राफ्ट के साथ साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण शुरू होगी। जिससे असम और मेघालय में 13 अप्रैल से 18 अप्रैल तक मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है।

हालांकि, पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में गर्मी की लहरों से लेकर गंभीर गर्मी की स्थिति देखी गई, हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति देखी गई। जम्मू संभाग, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तर पश्चिमी राजस्थान और झारखंड में अलग-अलग इलाकों में लू और गर्म हवा के थपेड़े जारी रहेंगे।

उत्तरी पाकिस्तान पर पश्चिमी विक्षोभ और निचले क्षोभमंडल स्तरों पर पड़ोस के प्रभाव के तहत, 16 अप्रैल तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम पृथक या छिटपुट वर्षा होने की संभावना है। 14 से 16 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग गरज या बिजली गिरने की भी संभावना है। आईएमडी ने 14 से 17 अप्रैल को दक्षिण तमिलनाडु में और 14 और 15 अप्रैल को केरल में भारी बारिश की भी भविष्यवाणी की है।

इसी तरह, दक्षिण-पूर्व अरब सागर और उससे सटे केरल के ऊपर मध्य क्षोभमंडल स्तर तक चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव में, केरल-माहे और लक्षद्वीप पर गरज या बिजली के साथ हल्की से मध्यम काफी व्यापक या व्यापक वर्षा होने की संभावना है और अलग-अलग या छिटपुट वर्षा अगले पांच दिनों के दौरान तमिलनाडु-पुदुचेरी-कराइकल, तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक पर बारिश जारी रहेगी।

14 अप्रैल, 2022 को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश होगी। अगले 5 दिनों तक बंगाल की दक्षिण-पश्चिमी खाड़ी के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन की घटना के कारण, गरज और बिजली गिरने के बाद हल्की व्यापक वर्षा होती है। उत्तरी श्रीलंका के निकटवर्ती क्षेत्रों से लेकर तमिलनाडु तक और मध्य क्षोभमंडल स्तर तक संभव है।