PM ने 9वीं बार फहराया लाल किले से तिरंगा, शास्त्री-अटल के नारे मे जुड़ा मोदी मंत्र”जय अनुसंधान”

पीएम मोदी ने कहा लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था, इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने इसमें जय विज्ञान जोड़ा और अब इसमें जय अनुसंधान जोड़ने का समय आ गया है।

pm narendra modi

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। आज 15 अगस्त 2022 को भारत स्वतंत्रता दिवस ( Independence day ) की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है । आजादी के इस मौके पर आज देश के पीएम नरेंद्र मोदी ने 9वीं बार दिल्ली के लाल किले से तिरंगा फहराया, इस दौरान 21 तोपों की सलामी भी दी गई। इस मौके पर पीएम मोदी ने देश के सामने 5 संकल्प रखे और त्रिशक्ति का मंत्र दिया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एक नए नाम ‘पीएम समग्र स्वास्थ्य मिशन’ के विस्तार का भी उल्लेख किया। गांधी, नेहरू, सावरकर का जिक्र किया।

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पीएम मोदी ने कहा लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था, इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने इसमें जय विज्ञान जोड़ा और अब इसमें जय अनुसंधान जोड़ने का समय आ गया है। अब जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान हो। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे आजादी के 100 साल पूरे होने के लिए अभी से संकल्प लें, कि तब यह विकसित देश होगा। विकास के केंद्र में मनुष्य होगा। जब देश आजादी के 100 साल पूरे कर रहा होगा, तब युवा 50-55 साल का होगा।

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पीएम मोदी ने कहा कि आज हम सब देशवासियों के लिए ऐसे हर महापुरुष के लिए नमन करने का अवसर है। उनका स्मरण करते हुए उनके सपनों को पूरा करने के लिए संकल्प लेने का भी अवसर है। आज हम सभी कृतज्ञ हैं पूज्य बापू के, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, बाबा साहब आंबेडकर, वीर सावरकर के, जिन्होंने कर्तव्य पथ पर जीवन को खपा दिया। यह देश कृतज्ञ है मंगल पांडे, तात्या टोपे, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आजाद, अशफाक उल्ला खां, राम प्रसाद बिस्मिल। ऐसे क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी।

लाल किले से दिलाए 5 मंत्र

पहला विकसित भारत- अब देश बड़े संकल्प लेकर चलेगा, और वो बड़ा संकल्प है विकसित भारत और उससे कुछ कम नहीं होना चाहिए।

दूसरा गुलामी के हर अंश से मुक्ति का प्रण- दूसरा प्रण है किसी भी कोने में हमारे मन के भीतर अगर गुलामी का एक भी अंश हो उसे किसी भी हालत में बचने नहीं देना।

तीसरा विरासत पर गर्व- तीसरी प्रण शक्ति है कि हमें हमारी विरासत पर गर्व होना चाहिए। यही विरासत है, जिसने भारत को स्वर्णिम काल दिया था।  यह विरासत है जो समय समय पर परिवर्तन करने का सामर्थ्य रखती है।

चौथा एकता और एकजुटता का प्रण- चौथा प्रण है एकता और एकजुटता। 130 करोड़ देशवासियों में एकजुटता। न कोई अपना न कोई पराया। एक भारत औऱ श्रेष्ठ भारत के लिए यह प्रण है।

पांचवा नागरिकों को अपने कर्तव्यपालन का प्रण– पीएम मोदी ने कहा, 5वां प्रण है नागरिकों का कर्तव्य। इससे पीएम, मुख्यमंत्री भी बाहर नहीं होता है, ये 25 सालों के संकल्प को पूरा करने के लिए हमारे प्रण हैं।