पर्यावरण-वन संरक्षण को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, भारत में विकसित होंगे 400 शहरी जंगल

इसके लिए परियोजना की कल्पना पर कार्यशैली तैयार की जा रही हैं।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। देश में पर्यावरण संरक्षण (environment and forest protection) सहित वनों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार (modi government) ने बड़ा फैसला लिया हैं। दरअसल मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे (ashwini kumar choubey) ने कहा है कि केंद्र ने शहरी क्षेत्र में देश भर में 400 शहरी वनों को विकसित करने का फैसला किया है। इसके लिए परियोजना की कल्पना पर कार्यशैली तैयार की जा रही हैं।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि केंद्र ने शहरी क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने के लिए देश भर में 400 शहरी वन विकसित करने की एक परियोजना की कल्पना की है। उन्होंने कहा कि ऐसा ही एक “नगर वन” (शहर का जंगल) जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में भी विकसित किया जाएगा।

बच्चों के बीच पर्यावरण के अनुकूल रवैये को बढ़ावा देने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में नर्सरी स्थापित की जाएगी। अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (amit shah) के जन्मदिन पर रामबन के लोगों को विभिन्न विकास परियोजनाओं को उपहार के रूप में समर्पित करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

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मंत्री ने कहा कि वन क्षेत्रों में और उसके आस-पास रहने वाले लोग ही वनों के असली संरक्षक हैं। केंद्र वन अधिकार अधिनियम के संबंध में एक उदार नीति तैयार करने पर विचार कर रहा है ताकि वनों का विकास और संरक्षण सुनिश्चित हो सके। जिससे पर्यावरण की स्थिति भी सुदृढ़ होगी।

बता दें कि पिछले हफ्ते एक वैश्विक अध्ययन में कहा गया था कि भारत ने 2001 और 2020 के बीच लगभग 2 मिलियन हेक्टेयर (MHA) वृक्षों के आवरण को खो दिया, वर्ष 2000 के बाद से लगभग 5% वृक्षों के आवरण में कमी आई है।

उस नुकसान का तीन चौथाई पूर्वोत्तर राज्यों से बताया गया था। अध्ययन संयुक्त राज्य अमेरिका में मैरीलैंड विश्वविद्यालय द्वारा किए गए शोध पर आधारित है। वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए दस लाख से अधिक उपग्रह चित्रों का उपयोग किया गया था।