मप्र निकाय चुनाव से पहले उम्मीदवारों के लिए बड़ी अपडेट, नामांकन हो सकता है निरस्त

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो राज्य निर्वाचन आयोग ने अधिसूचना जारी कर पार्षद पद के प्रत्याशी को नामांकन पत्र के साथ शपथ पत्र भी देना अनिवार्य कर दिया है

मप्र निकाय चुनाव

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। आगामी मप्र निकाय चुनावों (MP Civic Election 2021)  से पहले मध्य प्रदेश में राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारियां जोरों पर चल रही है। एक तरफ 1 नवंबर 2021 से नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और अपात्रों के नाम हटाने का काम शुरु किया जाएगा। वही दूसरी तरफ आयोग ने पार्षद पद के प्रत्याशी को नामांकन पत्र के साथ शपथ पत्र भरना अनिवार्य कर दिया है।राज्य निर्वाचन आयोग ने अधिसूचना जारी करके इस व्यवस्था को लागू कर दिया है।

यह भी पढ़े.. शिवराज सरकार की बड़ी उपलब्धि- MP के 12 लाख श्रमिकों को रोजगार, 802 करोड़ का भुगतान

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो राज्य निर्वाचन आयोग (state election commission) ने अधिसूचना जारी कर पार्षद पद के प्रत्याशी को नामांकन पत्र के साथ शपथ पत्र भी देना अनिवार्य कर दिया है और इसमें उसे शैक्षणिक योग्यता और आपराधिक रिकॉर्ड का ब्योरा भी देना होगा।अगर किसी प्रत्याशी द्वारा नामांकन पत्र के साथ शपथ पत्र नहीं दिया गया तो, उसे निरस्त कर दिया जाएगा। इसके तहत किसी निर्वाचक द्वारा मांग किए जाने पर दो रुपये प्रति पृष्ठ शुल्क लेकर शपथ पत्र की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराई जाएगी।

वही एक नवंबर से मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिसमें बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) द्वारा नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और अपात्रों के नाम हटाए जाएंगे। इसे देखते हुए तय किया गया है कि अब इनके तबादले नहीं होंगे। वहीं, एक नवंबर से कलेक्टर (Collector), अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, नायब तहसीलदार के तबादले करने के लिए भी निर्वाचन आयोग की अनुमति लेनी होगी।इन तैयारियों से साफ हो गया है कि नगरीय निकाय चुनाव (MP Local Body Election) अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएंगे यानि महापौर और अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों के माध्यम से होगा।

यह भी पढ़े.. OBC Reservation : आयोग जल्द मप्र शासन को प्रस्तुत करेगा रिपोर्ट, हो रहा डाटा एकत्रित

गौरतलब है कि प्रदेश में कुल 407 नगरीय निकाय हैं। इनमें से 347 में आम निर्वाचन कराये जाना है। दो चरण में मतदान होगा। प्रथम चरण में 155 और दूसरे चरण में 192 नगरीय निकायों में मतदान कराया जायेगा। इन 347 नगरीय निकायों में सभी 16 नगर निगम शामिल हैं। वही पंचायत आम निर्वाचन 3 चरण में करवाये जायेंगे। त्रि-स्तरीय पंचायतों में पंच के 3 लाख 77 हजार 551, सरपंच के 23 हजार 912, जनपद पंचायत सदस्य के 6 हजार 833, जिला पंचायत सदस्य के 904, उप सरपंच के 23 हजार 912, जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के 313 और जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के 52 पदों का निर्वाचन कराया जायेगा।