MP Panchayat Election: दिसंबर के मध्य में होंगे पंचायती चुनाव! जल्द जारी होगी अधिसूचना

MP Panchayat Election: राज्य निर्वाचन आयोग पहले ही जिले के कलेक्टरों को सभी प्रकार की तैयारियां पूरी करने के लिए निर्देश दे चुका है और कलेक्टर ने भी अपने-अपने स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।

पंचायत चुनाव

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश में पिछले काफी लंबे समय से चलते जा रहे पंचायत राज (MP Panchayat Election) के चुनाव की घोषणा अगले हफ्ते हो सकती है। इन चुनावों को दिसंबर के मध्य तक कराए जाने के लिए चुनाव आयोग ने पूरी तैयारी कर ली है। मध्य प्रदेश में 52 जिला पंचायत, 313 जनपद पंचायत और 23922 ग्राम पंचायतों के चुनाव पिछले दो साल से टलते आ रहे हैं। राज्य सरकार हर बार कोरोना संक्रमण (corona pandemic) के चलते चुनाव आयोग को चुनावी तैयारियां ना हो पाने की बात कह रही है।

अब हाई कोर्ट (high court) के निर्देश पर राज्य निर्वाचन आयोग (Election commission) सख्त हुआ है और राज्य सरकार को सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दे दिए गए हैं। इन चुनावों में बड़ी बाधा जिला पंचायत अध्यक्षों के आरक्षण की प्रक्रिया का पूरा न होना भी थी लेकिन अब राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर इसकी प्रक्रिया पूरी करने और प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव आयोग को स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।

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राज्य निर्वाचन आयोग पहले ही जिले के कलेक्टरों को सभी प्रकार की तैयारियां पूरी करने के लिए निर्देश दे चुका है और कलेक्टर ने भी अपने-अपने स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। चुनावी प्रक्रिया को किसी भी प्रकार के दबाव से दूर रखने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने पुलिस मुख्यालय इस बात के निर्देश दिए थे कि किसी भी जिले में तीन साल से ज्यादा पदस्थ या गृह जिले में पदस्थ ऐसे सब इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर और उप पुलिस अधीक्षको को तत्काल हटाया जाए।

इस प्रक्रिया का भी पालन शुरू हो गया है और इंदौर में व्यापक पैमाने पर ऐसे पदस्थ पुलिस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं। राज्य स्तर पर भी पुलिस जल्द एक तबादला सूची जारी कर सकती है। यानी आने वाले हफ्ते में इन चुनावों की घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग कर सकता है और और हर हाल में राज्य चुनाव आयोग की यह मंशा है कि इन चुनावों को दिसंबर के तीसरे पखवाड़े तक पूरा कर लिया जाए। यदि ऐसा नहीं होता है तो फिर एक जनवरी के बाद पुनरीक्षित मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराने होंगे, जिसमें लंबा वक्त लग जाएगा।