सिंधिया की बड़ी घोषणा, फरवरी 2022 में करेंगे एयरपोर्ट का शिलान्यास, अगस्त 2023 में लोकार्पण

उन्होंने कहा कि अब देश के किसी भी कोने में अब ड्रोन उडाएं जा सकेंगे, 10 वीं क्लास का छात्र भी ड्रोन पयालट बन सकेगा

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। ग्वालियर के तीन दिवसीय दौरे पर आये केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य (Jyotiraditya Scindia) का कहना है ग्वालियर हवाई अड्डे का विस्तारीकरण और इसे आधुनिक रूप देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाना मेरा सपना  है। उन्होंने कलेक्ट्रेट में एयरपोर्ट विस्तार सहित 5 हजार करोड़ रुपये के 34 प्रोजेक्ट की समीक्षा की। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि एयरपोर्ट के विस्तार का शिलान्यास फरवरी 2022 में करेंगे और अगस्त 2023 में इसका लोकार्पण होगा।

कलक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को समीक्षा बैठक के बाद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर के राजमाता विजया राजे सिंधिया एयरपोर्ट के विस्तार की जानकारी पत्रकारों को दी उन्होंने कहा कि इस हवाई अड्डे को मेरे पिताजी ने बनवाया था अटल जी की सरकार ने इसे मेरी दादी का नाम दिया अब इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाना मेरा सपना है जिसे मैं पूरा करूँगा, ये मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसके लिए आलू अनुसंधान की जमीन की NOC मिल गई है। कैबिनेट से स्वीकृति मिलते ही इसका निर्माण शुरू होगा। उन्होंने कहा कि मैंने एयरपोर्ट अथॉरिटी (Airport Authority Of India) के अधिकारियों को रिकॉर्ड समय में इसका फेस वन बनाने के निर्देश दिये हैं हम फरवरी 2022 में इसका शिलान्यास करेंगे और अगस्त 2023 में इसका लोकार्पण करेंगे। केंद्रीय मंत्री सिंधिया में नए एयर पोर्ट की विस्तार से प्रजेंटेशन के साथ जानकारी दी उनके साथ एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारी भी थे।

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मीडिया से बात करते हुए सिंधिया ने भारत की नई ड्रोन पॉलिसी की विशेषताएं गिनाई उन्होंने कहा कि अब देश के किसी भी कोने में अब ड्रोन उडाएं जा सकेंगे, 10 वीं क्लास का छात्र भी ड्रोन पयालट बन सकेगा,  इसके लिए 15 दिन में उड्डयन विभाग उसे लाइसेंसे देगा जिससे वो 30 हजार रूपए प्रति महीना तक कमा सकेगा। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि हमारी सरकार ने देश में ड्रोन परिचालन के नियमों को और आसान बना दिया है। सरकार ने ड्रोन परिचालन के लिए भरे जाने वाले आवश्यक प्रपत्रों की संख्या 25 से घटाकर पांच कर दी है और लिए जाने वाले शुल्क के प्रकारों की संख्या 72 से घटाकर 4 कर दी है। जिससे इस समय सड़क पर चलने वाली टैक्सियों की तरह ड्रोन नीति के तहत हमें भी हवा में टैक्सियां ​​नजर आ सकती हैं।

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सिंधिया ने कहा कि रक्षा और गृह मंत्रालय और नागरिक उड्डयन प्रौद्योगिकी ब्यूरो ड्रोन रोधी तकनीक पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर एयर टैक्सियों पर रिसर्च और अविष्कार किया जा रहा है और कई स्टार्टअप भी आ रहे हैं। जिससे कहा जा सकता है कि आने वाले समय में ड्रोन पॉलिसी देश की आर्थिक स्थिति ओर रोजगार को मजबूत देंगी। उन्होंने कहा कि वह समय दूर नहीं है जब टैक्सी, जैसे उबर आदि जिसे आप सड़कों पर देखते हैं, ड्रोन नीति के तहत आप इन्हें हवा में देखेंगे।

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केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने अन्य प्रोजेक्ट  समीक्षा के बारे में बताते हुए कहा कि चंबल से ग्वालियर पानी लाया जाएगा, शहर में पानी के वितरण को लेकर डीपीआर बन रही है। इसके साथ ही दो फेज में ग्वालियर में 15 किलोमीटर की स्वर्ण रेखा नाले पर एलीवेटिड रोड बनेंगी। जिसका शिलान्यास जल्द ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ वे करेंगे।  इसके साथ ही ग्वालियर में मौजूद डीआरडीई की लैंब की शिफ्टिंग का काम शुरू हो गया है और  250 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे स्टेशन को ग्वालियर की कला और संस्कृति के हिसाब से डवलप किया जाएगा। अक्टूबर में उसका भी शिलान्यास  होगा। सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर ऐतिहासिक शहर है मैंने पर्यटन की दृष्टि से प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए है जिस में अगली बैठक में देखूंगा।