MP के कर्मचारी हुए लामबंद, केंद्र के समान DA बढ़ाने की मांग, आंदोलन की चेतावनी

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों (7th Pay Commission) के महंगाई भत्ता (DA) को 17% से बढ़ाकर 28% बढ़ाने के बाद कई राज्य सरकारों की मुश्किलें खड़ी हो गई है।इसका असर तरफ मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में भी देखने को मिल रहा है। यहां सरकारी कर्मचारियों ने भी DA बढ़ाने समेत कई मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है।आज राजधानी भोपाल में सरकारी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लामबंद हुए और मंत्रालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया।

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दरअसल, हाल ही में मोदी सरकार (Modi Government) द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों (7th Pay Commission) का महंगाई भत्ता (DA) को 17% से बढ़ाकर 28% कर दिया गया है। 1 जुलाई 2021 से महंगाई भत्ते (DA)का लाभ देश के 48 लाख 34 हजार केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख 26 हजार पेंशनर्स को मिलेगा। इस फैसले के बाद से ही छत्तीसगढ़ के साथ मध्य प्रदेश के कर्मचारियों ने भी केंद्र के समान  डीए बढ़ाने की मांग की है।

वही 2 साल से करीब 14 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ते का लाभ नहीं दिया है, ऐसे में कर्मचारियों में भी आक्रोश बढ़ने लगा है। इसी के चलते आज मंत्रालय के कर्मचारी (Government Employees) काम ठप्प कर हड़ताल पर चले गए है और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे है। वही उन्होंने कलेक्टर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhaan) के नाम ज्ञापन भी सौंपा है, जिसमें DA बढ़ाने समेत 5 अन्य मांगे की गई है।वही मांगे पूरी ना होने पर भविष्य में आंदोलन की चेतावनी दी है।

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कर्मचारियों की मांग है कि एरियर, वेतन वृद्धि और केंद्र के समान प्रमोशन दिया जाए। कर्मचारियों ने मप्र सरकार से मांग की है उनका महंगाई भत्ता केंद्र के सामान बढ़ाया जाए, लंबे समय से रुकी वेतन वृद्धि दी जाए और सरकारी कर्मचारियों का प्रमोशन भी लंबे समय से रुका हुआ है, ऐसे में सभी कर्मचारियों को प्रमोशन भी मिलना चाहिए।कर्मचारी संघ का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों  का DA लंबे समय से नहीं बढ़ाया गया है, जबकी पेट्रोल की कीमत 110 रुपये लीटर हो गई है, ऐसे में एक माह परिवहन भत्ता 200 रुपए दिया जाना एक मजाक है।

ये है सरकारी कर्मचारियों की प्रमुख मांगें-

-1 जुलाई 2020 और 1 जुलाई 2021 को देय वेतन वृद्धि एरियर सहित तत्काल दी जाए।
-महंगाई भत्ते में केंद्र समान के अनुरूप वृद्धि की जाए।
-भारतीय प्रशासनिक सेवा, राज्य प्रशासनिक सेवा और कोषालय सेवा की तरह मंत्रालय कर्मचारियों को भी हर 8 साल में उच्च पद पर क्रमोन्नति देने संबंधी प्रावधान किए जाएं।
-मुख्यमंत्री कर्मचारी बीमा योजना को तत्काल लागू किया जाए।
– सरकारी सेवा में सीधी भर्ती से तृतीय और चतुर्थ श्रेणी पर नियुक्त कर्मचारियों के लिए परिवीक्षा अवधि में स्टाइपेंड के रूप में वेतनमान के न्यूनतम का प्रथम वर्ष में 70 फीसदी, दूसरे वर्ष में 80 फीसदी और तीसरे वर्ष में 90 फीसदी दिये जाने संबंधी व्यवस्था को खत्म कर पहले की तरह नियुक्ति पर पूर्ण वेतनमान दिए जाने और 3 साल की परिवीक्षा अवधि को संशोधित कर पहले की तरह 2 वर्ष किया जाए।

विधानसभा सत्र से पहले मिल सकती है कर्मचारियों को सौगात

सुत्रों की मानें तो आगामी चुनावों और कर्मचारियों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए शिवराज सरकार मध्य प्रदेश विधानसभा (MP Legislative Assembly) के मानसून सत्र (Monsoon session 2021) से पहले कर्मचारियों को 2 वेतनवृद्धि की सौगात दे सकती है, इसके लिए मंत्रालय स्तर पर तैयारियां भी जोरों पर है।इससे करीब 80 करोड़ सालाना का अतिरिक्त भार आएगा।अगर ऐसा हुआ तो कर्मचारियों की आय में अच्छी खासी वृद्धि होगी।

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