मप्र में एक्टिव केस 82 हजार के पार, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने की जनता से अपील

शिवराज सिंह चौहान

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में एक्टिव कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 82 के पार हो गया है। इस बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने टेलीविजन और सोशल मीडिया पर जारी संदेश में प्रदेशवासियों से कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए 30 अप्रैल तक घर पर ही रहने की अपील की है।

शिवराज सिंह चौहान ने जनता से कहा है कि अपने गाँव, शहर, मोहल्ले या कॉलोनी में कोरोना कर्फ्यू (Coronavirus) लगाने का प्रण लें। यह प्रण लें कि 30 अप्रैल तक घर पर ही रहेंगे। यह युद्ध है, जिसे बाहर निकल कर नहीं, घर पर रहकर ही जीता जा सकता है। घर पर रहें और कोरोना को हराये।

यह भी पढ़े.. कोरोना कर्फ्यू के बावजूद मप्र में 13107 नए केस, 75 की मौत, सीएम ने कलेक्टरों को दिए ये निर्देश

वही सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना संक्रमण के कारण बनी परिस्थितियों में मजदूर भाई-बहनों को काम देने की पूरी व्यवस्था की गई है। काम की तलाश में उन्हें कहीं जाने की जरूरत नहीं है। मनरेगा के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यों में लगभग 21 लाख मजदूर नियोजित हैं। इन मजदूरों की हरसंभव सहायता की जाएगी। तीन महीने का नि:शुल्क राशन भी उनको दिया जा रहा है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि श्रमिकों को मध्यप्रदेश से बाहर जाने की कोई जरूरत नहीं है। मध्यप्रदेश में जो मजदूर भाई-बहन आएंगे, उनका भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। चाय, नाश्ता, भोजन से लेकर जरूरत पड़ने पर काम देने तक सारी व्यवस्था करने का प्रयास होगा। यह कोशिश होगी कि मजदूर भाई-बहनों को कोरोना संकट के समय कोई परेशानी न हो।

यह भी पढ़े.. कैबिनेट बैठक: सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रियों को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश व्यापी टीकाकरण अभियान में सभी वर्गों से सहयोग की अपील की है। मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद द्वारा सभी 52 जिलों में कोरोना वॉलेंटियर्स की भूमिका निभाई जा रही है। शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को कोविड-19 टीकाकरण (Vaccination) के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य सरकार की पहल पर ग्रामीण आजीविका मिशन के महिला स्व-सहायता समूहों की 37 लाख से अधिक महिलाओं द्वारा भी कोरोना वॉलेंटियर्स बनकर जन-जागरूकता का कार्य किया जा रहा है। इन महिलाओं को ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना की रोकथाम के लिये जरूरी प्रशिक्षण भी दिया गया है। समूह की महिलाएँ, ग्रामीणों को वैक्सीन लगवाने और उसके फायदे भी बता रही हैं।