बीजेपी नेता पुत्र पर अवैध खनन के आरोप, राजस्व को जमकर लगा रहे चूना

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। खनिज विभाग के तमाम दावों के बावजूद प्रदेश में कई स्थानों पर अवैध खनन जारी है। इसका जीता जागता उदाहरण आप कटनी में देखा जा सकता है जहां पर लगभग 65 किलोमीटर का चक्कर लगाकर गिट्टी लोड कर ट्रक निकलते हैं। ट्रक रोककर संबंधित कागज चेक वाला तक कोई नहीं है। यह इसलिए संभव है कि ये गाड़ियां भाजपा पार्टी के जिला अध्यक्ष रामरतन पायल के सुपुत्र संदीप पायल की बताई जा रही हैं, जो बरही क्षेत्र के क्रेशर से गिट्टी भरकर एल एंड टी प्रोजेक्ट में खाली करती हैं।

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बीजेपी नेता पुत्र पर अवैध खनन के आरोप, राजस्व को जमकर लगा रहे चूना

भाजपा राज में जहां अधिकारी धड़ल्ले से दावा करते हैं कि हमारे क्षेत्र में अवैध परिवहन और अवैध खनन नहीं किया जा रहा। लेकिन अगर भाजपा के ही नेता ही इस काम में शामिल रहेंगे तो फिर कारोबार अवैध कैसे हो सकता है। यह हम इस लिए कह रहे हैं क्योंकि खदान-क्रेशर प्लांट से गिट्टी भरकर ट्रक बिना ट्रांजिट पास (टीपी) के निकल नहीं सकता। लेकिन उसके बाद भी धड़ल्ले से एक के बाद एक करके कई ट्रक कटनी से निकल रहे हैं, जिन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि इधर रसूखदार भाजपा के जिलाध्यक्ष के पुत्र के ट्रक हैं जिसपर बकायदा पायल लिखा हुआ है। अब उस ट्रक को भला कौन रोकेगा? जब मीडिया ने इसपर हस्तक्षेप किया तब ड्राइवर ने क्या कहा यह सुनकर आप खुद सोच में पड़ जाएंगे। उसका कहना था कि “गाड़ी पायल जी की है, बरही से गिट्टी लोड करके हम रोज निकलते है और गाड़ी में गिट्टी भी ओवरलोड लेकर।” यह गाड़ी रामरतन पायल संदीप पायल की है कटनी के एनकेजे में एलएनटी के प्लांट पर जानी है, जबकि कटनी में जो रेलवे का ब्रिज बन रहा है वह भारत सरकार के रेलवे ने एलएनटी कंपनी को ठेके पर देकर बनवा रही है।

इसके बाद साफ तौर पर समझा जा सकता है कि भाजपा सरकार में खदान-क्रेशर संचालक और भाजपा के जिलाध्यक्ष के पुत्र तथा Lnt के प्रोजेक्ट मैनेजर की सांठगांठ से यह कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है और बिना टीपी के धड़ल्ले से गिट्टी खदान-क्रेशर से Lnt के प्लांट पहुंच रही है। यह सब बिना टीपी के ट्रक निकलने की तस्वीर एनकेजे थाने के सामने से ली गई है जहां के कोतवाल भी इन ट्रक को रोककर ट्रक के कागज चेक करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। इस मामले में कार्रवाई की बात आती है तो जिले का खनिज विभाग सोया हुआ है। मीडिया ने इस मुद्दे को उठाया लेकिन लेकिन खनिज विभाग कार्रवाई का का आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ लेता है।