MP के नाम एक और बड़ी उपलब्धि, देशभर में हासिल किया शीर्ष स्थान

निशक्त व्यक्ति को अलग-अलग दस्तावेज रखने की आवश्यकता नहीं होती है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (MP में एक बार फिर से नई उपलब्धि हासिल की है। दरअसल दिव्यांग (Handicapped) के यूनीक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड (Unique Disability ID Card) बनाने में मध्यप्रदेश में देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। केंद्र सरकार द्वारा दिव्यांगों के लिए 6 लाख 60 हजार यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड (UDID) बनाने का लक्ष्य रखा गया था। प्रदेश में अबतक 6 लाख 83 हजार 551 लोगों के यूडीआईडी कार्ड बनाए जा चुके हैं।

दरअसल यूडीआईडी कार्ड परियोजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों को शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत दिव्यांगजन देश भर में कहीं भी पहचान बताकर इलाज करा सकेंगे। इस योजना की शुरूआत 2016-17 में की गई थी। दिव्यांग जनों के लिए विशिष्ट पहचान पत्र परियोजना दिव्यांगजनों के लिए एक राष्ट्रीय डाटा बेस तैयार करती है। जहां विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र जारी किया जाता है। इसी परियोजना के तहत दिव्यांग जनों को पारदर्शिता कार्यकुशलता और सरकारी लाभ आसानी से उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाता है।

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वही यह परियोजना गांव , ब्लॉक, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक लाभार्थियों को बड़ा लाभ देती है। इस योजना के तहत बने हुए कार्य पूरे देश में माने किए जाते हैं किसी भी सरकारी लाभ में यह कार्ड सहायक होते हैं। साथ ही भविष्य में विभिन्न इलाकों को प्राप्त करने के लिए निशक्तजन की पहचान और सत्यापन के दस्तावेज के रूप में भी इन्हें स्वीकार किया जाता है। निशक्त व्यक्ति को अलग-अलग दस्तावेज रखने की आवश्यकता नहीं होती है।

वहीं मध्यप्रदेश ने देशभर में दिव्यांगो के लिए यूनिक डिसएबिलिटी आईडी कार्ड बनाने में देश में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। राज्य में मध्य प्रदेश में 103% से अधिक की उपलब्धि हासिल की है। वही यूडीआईडी कार्ड बनवाने नवीनीकरण पूर्ण प्राप्त करें आवेदन की वस्तुस्थिति जाने सहित निशक्तजन प्रमाण पत्र को डाउनलोड करने और व्यक्तिगत प्रोफाइल को अपडेट करने की सुविधा के लिए http://swavlambancard.gov.in पर क्लिक करें