राहुल गांधी ने भारत की विदेश नीति पर उठाए सवाल, कहा ‘भ्रमित करने वाली इवेंट बेस्ड नीति’

Rahul Gandhi on India foreign policy : राहुल गांधी ने देश की विदेश नीति पर सवाल उठाया है। उन्होने कहा कि ‘हमारी विदेश नीति कन्फ्यूज़्ड है जो इवेंट बेस्ड और गैर रणनीतिक है।’ उन्होने कहा कि इसका फायदा दूसरे देश उठाते हैं। ये बात उन्होने शनिवार को दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कही। उन्होने कहा कि इस विदेश नीति के कारण हिंदुस्तान को बहुत नुकसान हो रहा है और इसका नुकसान भविष्य में भी उठाना पड़ सकता है। उन्होने कहा कि मैं कोविड के समय लगातार कह रहा था कि समस्या आ रही है, लेकिन कोई सुनता नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि देश में नफरत की राजनीति चल रही है और वो इसी को मिटाना चाहते हैं।

चीन के सवाल पर कही ये बड़ी बात

वहीं चीन के मुद्दे पर किए गए सवाल पर राहुल ने जवाब दिया कि ‘मैं शहीद परिवार का हूं। मेरे पिता और दादी शहीद हुए। हम जैसे लोग जानते हैं कि ऐसे में क्या महसूस होता है। मैं समझता हूं कि एक युवा जब अपनी जान देने के लिए खड़ा होता है तो उसके परिवार पर क्या बीतती है। ये बीजेपी की टॉप लीडरशीप में कहीं नहीं है। उनके यहां किसी परिवार में कोई शहीद हुआ है। इसीलिए मैं चाहता हूं कि हमारा एक भी सिपाही शहीद न हो। मैं ये नहीं चाहता कि हम इस बात को बहुत आसानी से लें और सेना को राजनीतिक फायले के लिए इस्तेमाल करें, फिर उसका नुकसान हमारे जवानों और उनके परिवारों को हो। जो जवान सीमा पर हैं, मैं जानता हूं उन्हें किन परेशानियों से गुजरना पड़ता है। मैं उनसे प्यार करता हूं और चाहता हूं उन्हें कोई चोट न पहुंचे। हमारी सरकार ने चीन के मुद्दे को मिस हैंडल्ड कर दिया है।’ उन्होने कहा कि जब मैं सरकार की बात करता हूं तो वो कहते हैं कि मैं सेना की बात कर रहा हूं। राहुल गांधी ने कहा कि इस मुद्दे पर हम और पूरा विपक्ष सरकार की मदद करने को तैयार है, लेकिन वो असल वस्तुस्थिति तो हमारे सामने रखें।

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श्रुति कुशवाहा

श्रुति कुशवाहा

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि।