MP की सहकारी समितियों को लेकर बड़ा फैसला, किसानों को मिलेगा लाभ, अधिकारियों को मिले ये निर्देश

गत वर्ष प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में पात्र 35 हजार 447 कृषकों में से 32 हजार 583 कृषकों को पूर्व से ही केसीसी कार्ड वितरण कर ऋण प्रदाय किया गया है।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की शिवराज सरकार (Shivraj Government) ने किसानों के हित में बड़ा फैसला किया है। इसके तहत सभी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को कम्प्यूटराइज्ड किया जाएगा। सहकारिता एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री अरविंद भदौरिया ने कहा कि आर्थिक गड़बडिय़ाँ रोकने के लिए प्रदेश की सभी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को कम्प्यूटराइज्ड किया जाएगा। सहकारी समितियों में आर्थिक गड़बडिय़ों के मामलों में सख्त कार्रवाई होना चाहिए। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा किसानों को केसीसी योजना का लाभ देने के सहकारिता अधिकारियों को निर्देश दिए।

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दरअसल, सहकारिता मंत्री भदौरिया ने रविवार को बैतूल जिला मुख्यालय पर सहकारिता विभाग की समीक्षा करते हुए  कहा कि सहकारी बैंक की ऋण वसूली पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। वसूली बेहतर होगी तो किसानों (Farmers) को ज्यादा लाभ मिल सकेगा।मंत्री  ने खरीफ सीजन के लिए खाद के अग्रिम भंडारण की जानकारी लेते हुए कहा कि किसानों को खाद वितरण में कोई असुविधा न हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि पशु एवं मछली पालकों को भी केसीसी योजना का लाभ मिले, इस बात का ध्यान रखा जाए। फसल बीमा का लाभ एक ही बैंक से मिले, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

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कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने सुझाव दिया कि जिले में जिन सहकारी समितियों से ग्रामों की दूरी 20 किमी से अधिक है एवं किसानों को इन समितियों तक आने में असुविधा होती है, वहाँ पुनर्सीमन कर किसानों की सुविधा अनुसार समितियों का कार्य क्षेत्र बनाया जाए। गेहूँ उपार्जन में बिचौलिए लाभ न ले सकें, इसके लिए जिले में दतिया मॉडल लागू किया गया है। सांसद डीडी उइके एवं विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे द्वारा सहकारिता क्षेत्र में बेहतर कार्य से संबंधित आवश्यक सुझाव भी दिए गए। जिले में सहकारिता क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियों की जानकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित के महाप्रबंधक ने दी। उन्होंने बताया कि विगत दो वर्षों में बैंक की अमानतों में 164 करोड़ रूपये की वृद्धि हुई है।

सहकारिता क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियां

  • आत्म-निर्भर भारत योजनांतर्गत सहकारी बैंक से संबद्ध 91 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में सामान्य सुविधा केन्द्र में एमपी ऑनलाइन कियोस्क सेंटरों का पंजीयन कर संस्थाओं में सामान्य सुविधा केन्द्र प्रारंभ किए गए है।
  • वर्ष 2021-22 में बैंक द्वारा खरीफ कृषि ऋणों में 51 करोड़ एवं रबी में 13 करोड़ रूपये की वृद्धि की गई है। पशुपालन केसीसी में 764 प्रकरण एवं मत्स्य पालन केसीसी के 320 प्रकरण स्वीकृत कर कृषकों को लाभान्वित किया गया है।
  • गत वर्ष प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में पात्र 35 हजार 447 कृषकों में से 32 हजार 583 कृषकों को पूर्व से ही केसीसी कार्ड वितरण कर ऋण प्रदाय किया गया है।
  • शेष 1662 कृषकों में से 1477 कृषकों को केसीसी कार्ड वितरण कर राशि 785 लाख 26 हजार की साख सीमा स्वीकृत कर ऋण वितरण किये गये।
  • जिले की सभी शाखाओं में कोर बैंकिंग का कार्य पूर्ण हो गया है। बैंक की शाखाओं से RTGS/NEFT, SMS अलर्ट, DBTL एवं एटीएम तथा वर्तमान में BBPS की भी सुविधा ग्राहकों को उपलब्ध कराई जा रही है। भविष्य में शीघ्र ही किसानों को नेट बैंकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
  • बैठक में बताया गया कि जिले में संचालित एकीकृत सहकारी विकास परियोजना से प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं द्वारा 100 मीट्रिक टन क्षमता वाले 60 गोदाम, 150 मीट्रिक टन क्षमता वाले 6 गोदाम एवं 10 मीट्रिक टन क्षमता वाले कंज्यूमर शॉप के 76 गोदाम बनाए गए हैं।
  • मल्टी सर्विस सेंटर हेतु एक हजार मीट्रिक टन क्षमता के चार गोदाम एवं 500 मीट्रिक टन क्षमता के 10 गोदाम बनाए गए हैं।