सीएम शिवराज ने की इस योजना की शुरुआत, स्व-सहायता समूह सहित इन वर्गों को मिलेगा रोजगार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे प्रयास किए जाएं कि भारत में ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडीशनल मेडिसिन का केंद्र मध्यप्रदेश में बने।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में शिवराज सरकार (shivraj government) ने नई योजना की शुरुआत की है। दरअसल आयुष (ayush) को बढ़ावा देने और उसे रोजगार के साधन बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) ने देवारण्य योजना लॉन्च की है। इसका अधिक से अधिक फायदा आयुर्वेद (ayurveda) के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाएगा। वहीं प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों को इस योजना के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराए जाएंगे।

योजना के लांच करने का सीएम शिवराज (CM Shivraj) ने कहा कि हमारे जंगलों में जहां औषधियों का खजाना है। वही जनजातीय भाई-बहन इसके महत्वपूर्ण उपयोग और महत्व को समझते हैं। हम इन औषधियों से अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य लाभ भी देंगे और साथ ही जनजातीय वर्ग के इस पारंपरिक ज्ञान का फायदा उठाकर उन को रोजगार भी दिया जाएगा। इसके लिए देवारण्य योजना बनाई गई है।

बता दें कि इस योजना में स्वयं सहायता समूह की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसमें कृषि उत्पादक संगठन आयुष विभाग, वन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पर्यटन विभाग, कृषि विभाग, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग सहित जनजातीय कार्य विभाग मिलकर इस योजना को कार्यान्वित करेंगे।

Read More: Scindia को वादे याद दिलाने की तैयारी! इससे पहले कमलनाथ की सीएम शिवराज से बड़ी मांग

इसके अलावा मध्यप्रदेश में वैलनेस टूरिज्म (wellness tourism)  को भी बढ़ावा दिया जाएगा। बता दे कि कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर से बहुत से लोगों की इम्युनिटी पर खासा प्रभाव पड़ा है। जिसके बाद अब आयुर्वेद आयुष के समन्वय से लोगों को स्वास्थ्य लाभ देने की तैयारी में शिवराज सरकार है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे प्रयास किए जाएं कि भारत में ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडीशनल मेडिसिन का केंद्र मध्यप्रदेश में बने। भोपाल में खुशीलाल आयुर्वेद अस्पताल के कामकाज की तारीफ करते हुए शिवराज ने कहा कि प्रदेश में 360 से अधिक नए आयुष हेल्थ और वैलनेस सेंटर की स्थापना की जा रही है। राजधानी और इंदौर में आयुष सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तैयार किए जा रहे हैं। प्रदेश में आयुर्वेद और यूनानी औषधि के विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है।