एमपी में इस्तीफों का दौर जारी, अब इन दिग्गज नेताओं समेत कई पदाधिकारियों ने छोड़े पद

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भोपाल

राहुल गांधी के बयान के बाद कांग्रेस में हलचल तेज हो चली है। नेताओं द्वारा एक के बाद एक इस्तीफे दिए जा रहे है। खास करके एमपी में ये क्रम तेजी से चल रहा है।अब दो और प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्षों जीतू पटवारीऔर बाला बच्चन ने भी अपना इस्तीफा दे दिया है। इसके अलावा अभा कांग्रेस के सचिव सुधांशु त्रिपाठी ,संजय कपूर और प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष रामेश्वर नीखरा, विनोद सेन, सचिव समेत दर्जनों पदाधिकारियों ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सभी ने अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और पार्टी प्रमुख राहुल गांधी को भेजा है।आने वाले समय में अन्य नेता भी इस्तीफे दे सकते है।

इससे पहले शनिवार को लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए  प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत और सुरेंद्र चौधरी ने अपने पदों से इस्तीफा दिया था। वही शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा और प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने अपने पद से इस्तीफा दिया था और अब बाला बच्चन और जीतू पटवारी ने भी इस्तीफा सौंप दिया। इस तरह चारों कार्यकारी अध्यक्षों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

इस पर पार्टी के प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने बताया कि अध्यक्ष एवं कार्यकारी अध्यक्ष सीधे पार्टी मुख्यालय को रिपोर्ट करते हैं, इसलिए चारों कार्यकारी अध्यक्षों ने भी अपने इस्तीफे पार्टी हाईकमान को प्रेषित किए हैं। प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफा देने से पूरी कार्यकारिणी स्वमेव भंग हो जाती है, इसलिए अन्य पदाधिकारियों के अलग से इस्तीफे का मतलब नहीं।

कमलनाथ भी कर चुके है इस्तीफे की पेशकश

राहुल के बयान के बाद प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ भी लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की पेशकरश कर चुके है।  हालांकि कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें फिलहाल पार्टी पद पर बने रहने और जवाबदारी संभालने को कहा है।कयास लगाए जा रहे है कि जल्द ही हाईकमान इस पर विचार कर नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कर सकती है ।फिलहाल अंदरखानों में कई नामों पर मंथन चल रहा है।

राहुल ने जताया था दुख 

लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद राहुल गांधी पार्टी अध्यक्ष का पद छोड़ने पर अड़े हुए हैं। हार पर हाल ही में राहुल गाँधी ने दुख जताते हुए कहा था कि उनके इस्तीफे के बाद किसी मुख्यमंत्री, महासचिव या प्रदेश अध्यक्षों ने हार की जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा नहीं दिया। इसके बाद से ही कांग्रेस में इस्तीफों की झड़ी लग गई है।आने वाले दिनों में कई और नेताओं के इस्तीफे सामने आ सकते है।