गैर-हिंदू डिलीवरी बॉय से खाना लेने से किया इंकार, कंपनी का जवाब- ‘खाने का कोई धर्म नहीं होता’

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जबलपुर| मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है| यहां एक शख्स ने खाने की डिलीवरी गैर-हिंदू डिलीवरी बॉय से लेने से इंकार कर दिया और जब कंपनी से आर्डर कैंसल करने की बात कही तो कंपनी ने साफ मना कर दिया, जिसकी शिकायत उस शख्स ने पीएमओ और कंपनी को ट्वीट कर की है|  इस ट्वीट के बाद अब गैर हिन्दू के हाथों से डिलेवरी न लेने पर सवाल उठने लगे है। फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो ने आर्डर कैंसिल करने से इंकार करते हुए ट्वीट कर कहा है कि खाने का कोई धर्म नहीं होता। इसको लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है, कई बड़ी हस्तियां कंपनी के समर्थन में आ गई हैं| 

दरअसल, जबलपुर के मदन महल निवासी पंडित अमित शुक्ला ने फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो में खाना ऑर्डर किया। करीब 15 मिनिट बाद डिलेवरी बॉय खाना लेकर आता है और जब अमित को पता चलता है कि वो मुस्लिम है तो अमित उसके हाथों से खाना लेने से मना कर ऑर्डर कैंसल करने की मांग करता है। जिस पर जमेटो कंपनी आर्डर कैंसल करने से मना कर देता है। नाराज अमित शुक्ला प्रधानमंत्री को ट्वीट कर अपनी शिकायत दर्ज करवाता है। 

अमित शुक्ला के ट्वीट का कंपनी जोमैटो भी जवाब में लिखती है कि ‘खाना का कोई धर्म नही होता’ है क्योंकि खाना ही अपने आप मे एक धर्म होता है।  जोमैटो कंपनी के डिलीवरी ब्वॉय के द्वारा की गई डिलेवरी को लेकर हुए ट्वीट करने पर अमित का कहना था कि इस समय सावन का पर्व चल रहा है लिहाजा हिंदुओं का यह एक पर्व होता है इसलिए गैर हिंदू के हाथों से खाना लेना यह सही नहीं होगा। यही वजह थी कि उन्होंने ऑर्डर कैंसिल करने की बात कही थी पर जब जोमैटो कंपनी ने ऑर्डर कैंसिल करने से मना कर दिया तब उन्होंने ट्वीट किया था।

कंपनी का जवाब-खाने का कोई धर्म नहीं होता

शुक्ला ने ट्वीट किया, ‘‘अभी-अभी मैंने जोमैटो से एक ऑर्डर रद्द किया। उन्होंने मेरा खाना गैर-हिन्दू व्यक्ति के हाथ भेजा और कहा कि वे इसे न तो बदल सकते हैं और न ही आर्डर रद्द करने पर पैसा वापस कर सकते हैं। मैंने कहा कि आप मुझे खाना लेने के लिये बाध्य नहीं कर सकते हैं। मुझे पैसा वापस नहीं चाहिये, बस ऑर्डर रद्द करो।’’ उसने जोमैटो के कस्टमर केयर से की गयी बातचीत का स्क्रीनशॉट भी लगाया और कहा कि वह अपने वकील से इस बारे में परामर्श करेगा।  जोमैटो ने इस ट्वीट के जवाब में लिखा, ‘‘खाने का कोई धर्म नहीं होता है। खाना खुद ही एक धर्म है।’’

कंपनी के समर्थन में कई हस्तियां 

जोमैटो के संस्थापक दीपेंद्र गोयल ने भी ट्वीट किया, ‘‘हमें भारत के विचार और अपने शानदार उपभोक्ताओं एवं भागीदारों की विविधता पर गौरव है। अपने मूल्यों के कारण यदि हमारे कारोबार को कुछ नुकसान भी होता है तो हमें उसका अफसोस नहीं।’’ कंपनी के इस फैसले के समर्थन में कई लोग आ गए हैं| कंपनी के पक्ष में खड़े लोगों में जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एस वाई कुरैशी जैसी हस्तियों के भी नाम हैं। उमर अब्दुल्ला ने जोमैटो की तारीफ करते हुए लिखा, ‘‘सम्मान। मुझे आपका एप पसंद है। धन्यवाद जो आप लोगों ने इस एप का संचालन करने वाली कंपनी को पसंद करने का कारण दिया।’’ एस.वाई.कुरैशी ने भी लिखा, ‘‘सलाम दीपेंद्र गोयल। आप भारत की वास्तविक तस्वीर हैं। हमें आपके ऊपर गर्व है।’’

गैर-हिंदू डिलीवरी बॉय से खाना लेने से किया इंकार, कंपनी का जवाब- 'खाने का कोई धर्म नहीं होता'

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