घूसखोरी के आरोप में चार पुलिसकर्मी सस्पेंड, जांच में दोषी पाई गई पुरस्कृत चौकी प्रभारी

mp home minister

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। नरसिंहपुर में किसान का खेत गिरवी रखवाकर घूसखोरी के आरोप में आमगांव चौकी प्रभारी दीप्ति मिश्रा सहित 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आमगांव चौकी पुलिस द्वारा किसान को धमकाने और शराब तस्करी के फर्जी मामले में फंसाने की धौंस देकर घूस ली गई थी।

जिला पंचायत अध्यक्ष व पूर्व विधायक ने लिखा CM को पत्र, लगाए गंभीर आरोप, कहा- नेता, अधिकारी खिला रहे जुआ-सट्टा

जिस पुलिस पर रक्षा का दायित्व है वो ही अगर अपराध में फंसाने की धमकी देकर वसूली करेगी तो आम लोग किसपर भरोसा कर पाएंगे। आमगांव में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां कुछ पुलिसकर्मियों पर किसानों के खेत खुद गिरवी रखवाकर अवैध वसूली करने के आरोप लगे थे। किसानों से 1 लाख लेने के बाद 50 हज़ार रुपये और मांगे गए थे। जब किसान ये राशि नहीं दे पाया और पुलिस की धमकी से परेशान हो गया उसने मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की। मामले में एसपी विपुल श्रीवास्तव में पुलिस स्टाफ को जांच में दोषी पाया था। नरसिंहपुर एसपी ने डीएसपी से मामले की जांच कराई और जांच में आमगांव चौकी प्रभारी दीप्ति मिश्रा सहित चार लोग दोषी पाए गए। इसे लेकर एसपी ने विभागीय कार्रवाई निर्देश भी दिए थे। दीप्ति मिश्रा को उत्कृष्ट कार्य के लिए एक्सीलेंस अवार्ड भी मिला था। लेकिन अब उन्हें किसान को धमकाने के मामले में निलंबित कर दिया गया है।