गडकरी ने बताया टॉयलेट के पानी का उपयोग, जानिये कैसे बदल रहा ऊर्जा का रूप

इंदौर, आकाश धोलपुरे। इंदौर में प्रदेश को डेढ़ लाख करोड़ की सड़कों की सौगात देने पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने टॉयलेट (Toilet) के गंदे पानी का बेहतरीन उपयोग बताया है। उनका कहना है कि इस पानी के उपयोग से ग्रीन हाइड्रोजन तैयार की जा सकती है, जो ऊर्जा का एक बेहतरीन स्रोत है।

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मध्य प्रदेश को डेढ़ लाख करोड़ की सड़कों की सौगात देने पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार की शाम प्रदेश के लिए विकास का पिटारा खोल दिया। उन्होंने डेढ़ लाख करोड़ की सड़कों के अलावा एक लाख करोड़ रुपए की सड़कें अगले महीने फिर देने का वादा किया। साथ ही उन्होंने किसी भी नए प्रोजेक्ट के लिए हर संभव सहायता देने की बात कही। इस अवसर पर नितिन गडकरी ने बताया कि उन्होंने अपने शहर यानी नागपुर का गंदा पानी (टॉयलेट का पानी) 300 करोड़ रुपए में बेच दिया है जिसे इलेक्ट्रोलाइजर के साथ मिलाकर ग्रीन हाइड्रोजन बनाई जा रही है। इससे न केवल वाहन संचालित किए जा सकते हैं बल्कि फैक्ट्री, रेल, कारखाने सभी चलाए जा सकते हैं।

गडकरी ने कहा कि मेरा यह मानना है कि बेस्ट इज वेल्थ और इसीलिए इन सारी चीजों का उपयोग अब भविष्य में ऊर्जा के लिए करना है। उन्होने कहा कि उनका उद्देश्य देश को ग्रीन हाइड्रोजन के मामले में विश्व का नंबर एक देश बनाना है। गडकरी ने किसानों के लिए अगले सप्ताह से सीएनजी से चलने वाले ट्रैक्टर के लोकार्पण करने की भी बात कही। इस ट्रैक्टर के माध्यम से किसान हर साल लगभग सवा लाख रुपए का डीजल बचा सकेंगे और इससे पर्यावरण प्रदूषण भी कम से कम होगा।