केंद्र सरकार : नहीं लगेगा फिलहाल कोरोना डोज के बाद बूस्टर

दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। फिलहाल कोरोना के दो डोज के बाद बूस्टर लगाने पर केंद्र सरकार का कोई विचार नही है। केंद्र सरकार ने गुरुवार को साफ कर दिया है कि कोरोना वैक्सीन की बूस्टर शाट उसकी योजना में शामिल नहीं है और अभी लोगों को दो खुराक देना मुख्य प्राथमिकता है। प्रेस ब्रीफिंग में आइसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा लोगो को कोरोना वैक्सीन की दो खुराक लगाना पहली प्राथमिकता है। और दोनों खुराक देना आवश्यक है और इसमें कोई लापरवाही या कोताही नही होनी चाहिए। लोगों को दो खुराक देना प्रमुख प्राथमिकता बनी हुई है।’

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बताया जा रहा है की अब तक  100 प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स को पहली खुराक दी गई है, जबकि 78 प्रतिशत को दोनों खुराक दे दी गई है। अब तक, पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों – सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, गोवा, चंडीगढ़ और लक्षद्वीप में सभी वयस्क लोगों को टीके की कम से कम एक खुराक मिली है। लगातार लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चा थी कि कोरोना के दोनों डोज के बाद अब बूस्टर की जरूरत होगी। और जिन लोगों ने शुरुआत में ही दोनों डोज लगवाए तो क्या अब उनके बूस्टर डोज का समय आ गया है।लेकिन फिलहाल इन तमाम चर्चाओं पर विराम लग गया है।

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इस समय देश में टीकाकरण में तेजी आई है। आंकड़ों के मुताबिक, मई में रोजाना वैक्सीन की औसतन 19.69 लाख दी जा रही थी। एक महीने में यह बढ़कर जून में 39.89 लाख हुई। फिर जुलाई में 43.41 लाख और अगस्त में 59.19 लाख हो गई है। वहीं सितंबर के पहले 15 दिनों में औसत दैनिक टीकाकरण प्रति दिन 74.40 लाख रहा है। जो कि पूरे देश में कोरोना से लड़ने में बेहतर साबित हो रहा है।

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महानिदेशक बलराम भार्गव की माने तो कई एजेंसियों ने सिफारिश की है कि एंटीबाडी के स्तर को नहीं मापा जाना चाहिए। लेकिन यह समझना महत्वपूर्ण है कि दोनों खुराक का पूर्ण टीकाकरण आवश्यक है और इसमें कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। वही केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि भारत की 20 प्रतिशत वयस्क आबादी को कोविड वैक्सीन की दोनों खुराक लग गई है और 62 प्रतिशत को कम से कम एक खुराक लग गई है। 99 प्रतिशत स्वास्थ्यकर्मियों को पहली खुराक और 82 प्रतिशत स्वास्थ्यकर्मियों ने दोनों खुराक ले ली है।