महिला पुलिस आरक्षक रीना मालवीय का मानवीय चेहरा, ऐसे की बुजुर्ग अम्मा की मदद

उन्होंने उस महिला से पूछा कहा जाना है तो वह बोली बेटा मुझे मेरे घर भूरी टेकरी जाना है। यह सुन कर महिला आरक्षक ने भी उस बूर्जग महिला की मदद करने के लिए लगातार कोशिश की।

इंदौर, बाबूलाल सारंग। रीगल चौराहे से रिक्शे का किराया देकर भेजा बुजुर्ग महिला को इन्दौर शहर में बढ़ते कोरोनावायरस को देखते हुए इंदौर में लॉकडाउन लगा हुआ है। ऐसे में लोगों को आने जाने में बेहद कठिनाई का सामना भी करना पड़ रहा है।

आज रीगल चौराहे पर पैदल चलती एक बुर्जुग 75 वर्षीय महिला सुनसान पड़े रीगल चौराहे पर भूरीटेकरी जाने के लिए आते जाते लोगों से मदद माँग रही थी। इस बीच यहां पर थाना तुकोगंज की महिला आरक्षक रीना मालवीय जो ड्यूटी पर थी। उस की नजर उस बूर्जग महिला पर पड़ी।

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उन्होंने उस महिला से पूछा कहा जाना है तो वह बोली बेटा मुझे मेरे घर भूरी टेकरी जाना है। यह सुन कर महिला आरक्षक ने भी उस बूर्जग महिला की मदद करने के लिए लगातार कोशिश की। इस बीच एक रिक्शा चालक जो यहां से जा रहा था। उस को रोका ओर उसको बोलो इन माताजी भूरीटेकरी तक छोड़ना है। रिक्शा चालक ने 150रू किराये का बताया।

बुर्जुग महिला बोली बेटी मेरे पास पैसे नहीं है। तब आरक्षक रीना मालवीय ने कहा माताजी बिलकुल चिन्ता मत करो पैसे में दे दूंगी ओर 200 रूपये तुरन्त ही निकाल कर रिक्क्षा चालक को दे दिये। आरक्षक रीना मालवीय ने रिक्शा चालक को कहा की 50 रुपये माताजी को दे देना साथ ही माता जी भूरटेकरी जहां बोले वहां छोड़ देना। माताजी ने यह बात सुन कर आरक्षक रीना मालवीय को अपनी लड़खड़ाती जुबान से दिल से आशिर्वाद दिया ओर खुश होकर रिक्शा मे बैठ गई।