खबर का असर : T & CP विभाग ने की भोपाल के कुणाल बिल्डर्स एंड डेवलपर्स को दी निर्माण की अनुमति स्थगित

पर्यावरण संरक्षण और जल, जंगल, जमीन की चिंता किए बिना किस तरह अंधाधुंध निर्माण हो रहे हैं इस बारे में कुणाल बिल्डर एक बड़ा उदाहरण है। भोपाल में बड़े तालाब की कैचमेंट एरिया में निम्न घनत्व वाले इलाके में जहां पर बिल्डिंग परमिशन मिलना बेहद मुश्किल होता है और मिलती भी है तो कई शर्तों के साथ, टी एंड सीपी ने कुणाल बिल्डर को न सिर्फ परमिशन दी बल्कि बिल्डर ने इस जमीन पर कई प्लॉट काट दिए और बेच भी दिए।

T&CP

T&CP department canceled the construction permission : राजधानी के कुणाल बिल्डर्स एंड डेवलपर्स पर धोखाधड़ी का आरोप लगने के बाद टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने निर्माण की अनुमति स्थगित कर दी है। इसे लेकर विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है जिसमें कहा गया है कि अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से निर्माण की अनुमति पर रोक लगाई जाती है।

एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ की ख़बर का असर

एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ की खबर के बाद आखिरकार टी एंड सीपी विभाग एक्शन लिया गया है। विभाग के द्वारा कुणाल बिल्डर्स एंड डेवलपर्स को दी गई परमिशन को स्थगित कर दिया गया है। इसी के साथ बिल्डर द्वारा किए जा रहे किसी अन्य निर्माण पर भी रोक लगा दी गई है। दरअसल कुणाल बिल्डर्स एंड डेवलपर्स द्वारा तथ्यों को छिपाकर बड़े तालाब के निम्न घनत्व वाले इलाके में बड़े पैमाने पर प्लॉटिंग की जा रही थी और इसके लिए एक ही जगह की दो अलग-अलग परमिशन ले ली गई थी।

टी एंड सीपी विभाग द्वारा निर्माण की अनुमति स्थगित

राजधानी भोपाल में भूमाफिया किस कदर सक्रिय हैं इस बारे में कुछ दिन पहले ही एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ ने खबर बनाई थी। पर्यावरण संरक्षण और जल, जंगल, जमीन की चिंता किए बिना किस तरह अंधाधुंध निर्माण हो रहे हैं इसके बारे में कुणाल बिल्डर से बड़ा उदाहरण शायद कोई हो नहीं सकता। बड़े तालाब की कैचमेंट एरिया में निम्न घनत्व वाले इलाके में जहां पर बिल्डिंग परमिशन मिलना बेहद मुश्किल होता है और मिलती भी है तो कई शर्तों के साथ, टी एंड सीपी ने कुणाल बिल्डर को न सिर्फ परमिशन दी बल्कि बिल्डर ने इस जमीन पर कई प्लॉट भी काट दिए और बेच भी दिए। 2009 में टीएसपी ने इसके लिए परमिशन दी थी। लेकिन इससे भी बड़ा गोरखधंधा तब सामने आया जब 2022 में कुणाल बिल्डर्स एंड डेवलपर्स को टी एंड सीपी ने एक और परमिशन उसी जगह पर नवनिर्माण की दे दी। आश्चर्य की बात यह कि ये ऑनलाइन परमिशन उस बिल्डर के नाम से ली गई जो अब इस दुनिया में ही नहीं है। मृतक विजय कुमार अग्रवाल के नाम से ऑनलाइन आवेदन किया गया और टी एंड सीपी ने बिना तथ्यों की जांच किए परमिशन दे दी।

जब एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ ने इस खबर को विस्तार से प्रकाशित किया तब यह पूरा मामला सामने आया और उसके बाद विभाग की नींद खुली। इस मामले की शिकायत आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में भी की गई है और इसके साथ ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी इस बारे में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फ़िलहाल टी एंड सीपी विभाग ने कुणाल बिल्डर्स एंड डेवलपर्स को किसी भी तरह के निर्माण कार्य को रोकने के आदेश दिए हैं साथ ही उसे दी गई परमिशन को भी स्थगित कर दिया है। लेकिन हैरत की बात यह है कि आखिरकार जब यह सब गोरखधंधा हो रहा था उस वक़्त विभाग आँखें मूँदे क्यों बैठा था।

खबर का असर : T & CP विभाग ने की भोपाल के कुणाल बिल्डर्स एंड डेवलपर्स को दी निर्माण की अनुमति स्थगित

खबर का असर : T & CP विभाग ने की भोपाल के कुणाल बिल्डर्स एंड डेवलपर्स को दी निर्माण की अनुमति स्थगित


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श्रुति कुशवाहा

श्रुति कुशवाहा

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि।